ग्वालियर में होंगे डायनासोर और मानव के जीवाश्म पर शोध

उन्होंने कहा कि जीवाश्मों पर शोध करने के लिए प्रदेश के बाहर जाना पड़ता है, इस म्यूजियम में संग्रहित जीवाश्म शोध के लिए उपलब्ध रहेंगे।

By:

Updated: 10 Mar 2019, 01:35 AM IST

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को देश के पहले खनिज संग्रहालय एवं एस्ट्रोटर्फ का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सीजीएचएस सेवाओं का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में मुरैना सांसद अनूप मिश्रा एवं महापौर विवेक शेजवलकर उपस्थित थे।

 

ग्वालियर में देश के पहले खनिज संग्रहालय (जीओ साइंस म्यूजियम) का शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध भू वैज्ञानिक परिवेश, विशाल खनिज भंडारों व करोड़ों वर्ष पुराने डायनासोर के जीवाश्म व लगभग 500 वर्ष पुराने मानव जीवाश्म के लिए देशभर में जाना जाता है, इस कारण ही ग्वालियर को खनिज संग्रहालय के लिए चुना गया है।

 

तोमर ने कहा कि अभी हाल ही में छतरपुर में एक खदान से प्राप्त हीरे को भी इस संग्रहालय में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के लिए नगर निगम ने महाराज बाड़े पर स्थित अपना भवन उपलब्ध कराया है। इसके निर्माण पर 35 करोड़ की लागत आएगी, जिसका रखरखाव भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि जीवाश्मों पर शोध करने के लिए प्रदेश के बाहर जाना पड़ता है, इस म्यूजियम में संग्रहित जीवाश्म शोध के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान भू विज्ञान सर्वेक्षण के महानिदेशक हेमराज सूर्यवंशी भी मौजूद रहे।

 

केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए वेलनेस सेंटर का शुभारंभ
चैंबर ऑफ कार्मस में सेवानिवृत्त 50 हजार केन्द्रीय शासकीय सेवकों के उपचार के लिए सीजीएचएस वेलनेस सेंटर का किया शुभारंभ किया गया। अभी तक ग्वालियर में निवासरत पेंशनर्स एवं उनके परिवार के आश्रितों को भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में संचालित वेलनेस सेंटर जाना पड़ता था। वेलनेस सेंटर केन्द्रीय कर्मचारियों के थाटीपुर स्थित आवास क्षेत्र शास्त्री नगर में स्थापित किया गया है। इस दौरान अपर निदेशक मंजुल कुमारी तथा केंद्रीय सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके गोयल, महासचिव विनोद सूरी आदि उपस्थित थे।

 

एस्ट्रोटर्फ का शिलान्यास
-केंद्रीय रेल एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से बनने वाले एस्ट्रोटर्फ का शिलान्यास करते हुए इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। ज्ञात हो कि इस मैदान पर पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर कि हॉकी प्रतियोगिता नहीं हो पाई थी, इस एस्ट्रोटर्फ हेतु रेल एवं खेल विभाग दोनों ने ढाई-ढाई करोड़ रुपए दिए हैं।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned