ये है ग्वालियर दुर्दशा: 60 फीट की सडक़ में 40 पर कब्जा, 100 मीटर दूर इंदरगंज थाना

ये है ग्वालियर दुर्दशा: 60 फीट की सडक़ में 40 पर कब्जा, 100 मीटर दूर इंदरगंज थाना

By: Gaurav Sen

Published: 03 Mar 2019, 11:43 AM IST

ग्वालियर. शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर मुस्तैदी का दावा करने वाली पुलिस की मिलीभगत से शहर में जाम के हालात बनते हैं। मुस्तैदी का दावा तो सिर्फ जुबानी है। हम बात कर रहे है इंदरगंज थाना क्षेत्र की अचलेश्वर मंदिर वाली रोड की। इस रोड पर अधिकांश खान-पान की दुकानें हैं। करीब 60 फीट चौड़ी सडक़ के एक तरफ दुकानदारों का सामान रखा जाता है और ग्राहकों के वाहन खड़े हो जाते हैं। दूसरी तरफ वाले हिस्से को चार पहिया वाहन घेर लेते हैं। इस कारण 40 फीट सडक़ घिर जाती है। केवल 20 फीट सडक़ यहां से निकलने वाले वाहन और राहगीरों के लिए बचती है। इस कारण रोजाना शाम को जाम लगता है। इंदरगंज थाना महज 100 मीटर दूर है, लेकिन दुकानों के सामने होने वाला कब्जा पुलिस को दिखाई नहीं देता। या फिर यंू कहे जानबुझकर पुलिसकर्मी आंख बंद कर लेते हैं।

अचलेश्वर रोड पर सनातन धर्म मंदिर चौराहा से ललितपुर कॉलोनी मोड़ तक करीब 150 मीटर का दायरे में करीब 25 से 30 दुकानें हैं। इनमें करीब 15 दुकानें खान-पान की हैं। इन दुकानों पर ही सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इन दुकानों पर आने वाले ग्राहक अपन वाहन दुकान के सामने ही सडक़ पर खड़े कर देते हैं। दुकानदार भी ग्राहकी के चलते उन्हें मना नहीं करते। इतना ही नहीं सडक़ के दूसरी तरफ खड़े वाहनों पर उनके कर्मचारी खान-पान की चीजें सप्लाई करने भी जाते हैं। इस कारण रोजाना शाम को स्थिति बिगड़ रहती है।

भेंट लेते हैं और मुफ्त का खाना भी
एक दुकानदार ने दबी जुबान में बताया हर महीने पुलिस को भेंट चढ़ानी पढ़ती है। एक दुकानदार को 2 से 3 हजार रुपए हर महीने देने होते हैं। न देने पर पुलिस दुकान पर आकर उन्हें और ग्राहकों को परेशान करती है। यह रेट हर साल दीपावली पर बढ़ भी जाते हैं। इसके अलावा थाने से संबंधित पुलिसकर्मी मुफ्त में यहां आकर पावभाजी, डोसा भी खाते हैं। यहां अधिकतर दुकानवालों को पुलिस को पैसे देने पड़ते हैं।

करीब 5 घंटे हो जाती है व्यवस्था भंग
इस सडक़ पर 5 घंटे स्थिति सबसे ज्यादा खराब रहती है। शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक कई बार जाम लगता है। जाम खुलवाने के लिए कई बार पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते हैं, लेकिन दुकानदारों को कोई नहीं टोकता।

यह है समाधान

  • इस रोड पर जो वाहन खड़े होते हैं उनके लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
  • दुकानदारों को समझाइश दी जाए कि दुकानों के सामने सडक़ पर वाहन खड़े न होने दें।
  • दुकानदार जो अतिक्रमण कर लेते हैं उसे हटवाया जाए।
  • पुलिस को चाहिए निगरानी रखें, अगर दुकानदार नहीं मानें तो कार्रवाई की जाए, सडक़ पर वाहन खड़े होने पर चालान किए जाए।

पार्किंग की व्यवस्था हो

मैं रोजाना तीन-चार बार यहां से निकालता हूं। शाम के वक्त यहां रोजाना जाम लग रहता है। पुलिस प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। वाहनों के लिए अलग से एक पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रमादे पांडेय, स्थानीय नागरिक

पुलिस को ध्यान देना चाहिए
मैं अक्सर इस सडक़ से निकलता हूं। दुकानों के सामने आधी सडक़ घेरे वाहन खड़े हो जाते हैं। इस कारण जाम की स्थिति बनती है। दोनों तरफ से वाहन आते हैं तो फंस जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
चेतन मंडलोई, वाहन चालक

पैसे वसूल करती है पुलिस
दुकानदारों से पुलिस हर महीने पैसे वसूल करती है। इसलिए इन दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं करती। यातायात व्यवस्था बिगड़े या हादसा हो कोई मतलब नहीं रहता।
जगदीश गोस्वामी, समाजसेवी

दुकानदारों को देंगे नोटिस
कुछ दुकानदारों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जो वाहन खड़े हो रहे हैं उनकी वीडियो बनाकर ई चालान बनाकर उनके घर भेजे जाएंगे।
नरेश अन्नोटिया, डीएसपी ट्रैफिक

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