हर वर्ष लगते हैं एक लाख पौधे, दस साल में ग्यारह लाख में से 25 हजार ही हो पाए बड़े

करीब 53 करोड़ हुए हैं अब तक हरियाली पर खर्च, इसके बाद भी नहीं मिली छाया

By: prashant sharma

Published: 29 Jun 2020, 07:05 PM IST

ग्वालियर. हरियाली के लिए 10 साल में करीब 9 लाख पौधे रोपे जा चुके हैं। पौधे लगाने पर सरकारी खजाने से 57 करोड़ रुपए के लगभग खर्च हुआ। इतना खर्च होने के बाद भी मैदानों में छाया नहीं है। वृक्षारोपण योजना के अंतर्गत लगाए पेड़ गायब हो चुके हैं।

स्थिति यह है कि अभी तक लगाए गए पौधों में से सिर्फ 25 पहाडिय़ों पर लगाए गए पौधे ही पेड़ का रूप ले सके हैं, बाकी लगभग सभी जगहों से पेड़ गायब हो चुके हैं। अब फिर से बारिश से पहले पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर करीब 40 हजार पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदने के लिए स्थान चिन्हित करने की शुरुआत की जा चुकी है। इसके साथ ही स्कूल, आंगनवाड़ी भवन सहित अन्य सरकारी परिसरों में भी पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा कुछ पंचायतों में बीते दस वर्षों से जहां लगातार पौधे लगाए जा रहे हैं, उन्हीं जगहों पर अब फिर से पौधे लगाए जाएंगे।
इतना हुआ अब तक खर्च

  • 2003 से 2009 में 33 करोड़ रुपए खर्च हुए और ईंटों के सुरक्षा घेरा, मजदूरी सहित 4 लाख पौधे लगाने का दावा किया गया।
  • 2009 से 2012 में 22 करोड़ रुपए खर्च हुए और तार के सुरक्षा घेरा, मजदूरी सहित हर वर्ष 2 लाख से अधिक पौधे लगाने का दावा किया गया।
  • 2012 से 2015 में 5 करोड़ रुपए खर्च हुए। पौधारोपण में अनापशनाप खर्च पर लगाम लगी और प्रति वर्ष पौधे लगाने की संख्या डेढ़ लाख तक ही रही।
  • 2015 से 2019 तक खर्च 3 करोड़ रुपए तक सिमटा। प्रति वर्ष पौधे लगाने की संख्या को 50 से 80 हजार तक सीमित किया गया।
  • यहां दिखती है उपलब्धि
  • रायपुर पहाड़ी पर 3 हजार नीम के पौधे लगाकर शुरुआत की गई थी, अब यहां करीब 20 हजार पौधे पेड़ बन चुके हैं। पहाड़ी पिकनिक स्पॉट और आईएएस के स्टडी टूर में शामिल हो चुकी है।
  • उदयपुर पहाड़ी पर भी 3 हजार नीम के पौधे लगाकर शुरुआत की गई थी, अब यहां करीब 8 हजार नीम के पौधे पेड़ चुके हैं। वर्तमान में यह जगह उपेक्षित है।
  • नयागांव पहाड़ी पर 500 पौधे लगाकर शुरुआत की गई थी, अब यहां करीब 5 हजार पौधे नीम के पेड़ बन चुके हैं लेकिन जमीन का लालच और सरकारी लापरवाही ने इस जगह को उपेक्षित कर दिया है।
  • हिम्मतगढ़, अमरौल, कैथौदा ग्राम वन में 10 हजार पौधे लगाकर शुरुआत की गई थी। अब यहां करीब 25 हजार पौधे पेड़ बन रहे हैं लेकिन सरपंच, सचिव और सरकारी अधिकारियों की उदासीनता से हर वर्ष पौधे बढऩे की बजाय 20 प्रतिशत के अनुपात में सूख रहे हैं।

3 लाख पौधों का लक्ष्य
इस बार 4 लाख 45 हजारपौधों का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अलग-अलग विभागों को भी शामिल किया गया है। नरेगा के अंतर्गत हम अब सामान्य प्लांटेशन की बजाय पंचायतों में जगह चिन्हित करके नक्षत्र वाटिका, तुलसी प्लांटेशन आदि लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
शिवम वर्मा, सीईओ-जिला पंचायत
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में हरियाली अभियान के अंतर्गत पौधोरोपण किया जाता है, इस बार भी बारिश से पहले गड्ढे खुदवाए जाएंगे। हम सभी जनप्रतिनिधि पौधारोपण के इस काम में इस बार भी आगे बढक़र सहयोग करेंगे।
शांतीशरण गौतम, उपाध्यक्ष-जिला पंचायत

prashant sharma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned