असली के नाम पर ऑनलाइन बेच रहे थे नकली कॉस्मेटिक

फ्लिकआर्ट, ऑमेजोन सहित कई ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के जरिए नकली माल को कारोबारी देश भर में खपा रहा था।

By: prashant sharma

Published: 07 Mar 2020, 07:44 PM IST

ग्वालियर . कॉस्मेटिक के नकली सामान को नामी गिरामी कंपनियों के नाम से तैयार कर बेचने का गोरखधंधा पकडा गया है।यातायात नगर से कारोबार ऑन लाइन बेचा जा रहा था। फ्लिकआर्ट, ऑमेजोन सहित कई ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के जरिए नकली माल को कारोबारी देश भर में खपा रहा था। उसके गोरखधंधे की भनक क्राइम ब्रांच को गुरुवार को लगी थी। जब ओले कंपनी के कर्मचारी ने आकर पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी के नाम से नकली प्रॉडक्ट बाजार में खपाया जा रहा है। कारोबारी खुले बाजार में धंधा नहीं करता। सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग से सामान बेच रहा है। उसकी टिप पर शुक्रवार शाम को पुलिस ने यातायात नगर में दविश दी तो करीब दो लाख रुपए कीमत का नकली कॉस्मेटिक पकड़ा गया।
क्राइम ब्रांच टीआई दामोदर गुप्ता ने बताया यातायात नगर की जीडीए कॉलोनी में आशुतोष मिश्रा पुत्र तारकेश्वर मिश्रा निवासी शंकरपुर असली के नाम पर नकली बेचने का धंधा कर रहा था। उसके ठिकाने पर दविश दी तो ओले, इंदुलेखा, मेवलीन, लेक्मे, लोरियल जैसी नामी गिरामी कंपनियों के नाम नकली पैकिंग का कारोबार सामने आया। आशुतोष कई महीने से कारोबार कर रहा था। उसे पता था कि असली के नाम से नकली का कारोबार अगर दुकानों पर सामान बेच कर करेगा तो जल्दी पकडा जाएगा। इसलिए उसने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों से कॉन्टेक्ट किया। उनसे मिलने वाले आर्डर पर प्रॉडक्ट सप्लाई करता था। इससे खरीदार को पता नहीं चलता था कि जो सामान मंगा रहा है वह असली है या नकली।
दामों में अंतर से पकडा गया
ओले कंपनी के मैनेजर गौरव श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी के नाम से आशुतोष जो सामान बेच रहा था उसकी कीमत कंपनी के दामों की तुलना में काफी कम थी। ऑनलाइन प्रॉडक्ट के रेट देखे तो शक हुआ। उस पर कंपनी ने ग्राहक बनकर आशुतोष से सामान खरीदा। जब पुख्ता हो गया कि असली के नाम पर लोगों को फर्जी सामान बेचा जा रहा है तो आशुतोष के ठिकाने का पता लगाकर पुलिस को सारा माजरा बताया।

prashant sharma Desk
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