मुरैना में 11 करोड़ की लागत से स्थापित होगी किसान उत्पादक कंपनी

कंपनी अपने सदस्य शेयरधारकों से बाजरा और सरसों खरीदेगी

By: prashant sharma

Updated: 02 Jul 2020, 07:06 PM IST

ग्वालियर/मुरैना. एनआरईटीपी के अंतर्गत मुरैना में बाजरा और सरसों का समेकित मूल्य शृंखला विकास मुरैना जिले के किसानों के आर्थिक कल्याण और बेहतरी के लिए अंबाह, पोरसा, मुरैना, पहाडग़ढ़़ और जौरा ब्लॉक को शामिल करते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के 11 करोड़ रुपए के निवेश से किसान उत्पादक कंपनी की स्थापना की जा रही है। इसका विस्तार कैलारस और सबलगढ़ जैसे अन्य ब्लॉकों में भी किया जाएगा। शेयरधारकों के तौर पर किसान इस कंपनी के मालिक होंगे और जिले की दो मुख्य फसलों- बाजरा एवं सरसों का मुख्य रूप से कारोबार करेंगे।


यह कंपनी ग्राम स्तरीय डिजिटल संग्रहण केंद्रों के जरिए पारदर्शिता के साथ गांव से ही इन वस्तुओं को खरीद कर किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करेगी। किसान उत्पादक कंपनी कच्ची घानी सरसों तेल के उत्पादन सहित मूल्य संवर्धन और विपणन गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी। प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत कंपनी अपने सदस्य शेयरधारकों से बाजरा और सरसों खरीदेगी। खरीदे गए बाजरे की सफाई करके उसे 50 किलोग्राम के पीपी बैग में पैक किया जाएगा और इसे बीज विनिर्माताओं, आटा विनिर्माताओं जैसे संसाधकों तथा बाजरा मूल्य शृंखला के अन्य मूल्य संवद्र्धनकत्र्ताओं को बेचा जाएगा। क्रय की गई सरसों को कच्ची घानी तेल और मस्टर्ड केक के लिए पीसा जाएगा। शुरू में कच्ची घानी तेल और मस्टर्ड केक के अधिकांश संसाधित उत्पाद की बिक्री थोक में की जाएगी। बाद में उपभोक्ताओं से मिलने वाली कीमत में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कच्ची घानी तेल के कुछ भाग को ‘ब्रांड’ नाम देकर उपभोक्ता पैक के रूप में देश के कच्ची घानी बाजारों में उपभोक्ताओं को सीधे बेचा जाएगा। तीसरे वर्ष तक इससे 18,800 किसान लाभान्वित होंगे और 5वें वर्ष तक इस पहल में 64,000 किसान शामिल हो जाएंगे।
मुरैना में 76 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसान हैं, इसलिए उत्पादक कंपनी की स्थापना से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचेगा। केंद्रीय कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि संपूर्ण परियोजना अवधि के दौरान यह एफपीसी जिले के 234 गांवों के करीब 19,000 परिवारों को सीधे फायदा पहुंचाएगी।

गौरतलब है कि मुरैना जिले में बाजरा और सरसों का मुख्य रूप से उत्पादन होता है। राज्य में बाजरा उत्पादन के मामले में मुरैना जिले का योगदान 63 प्रतिशत और सरसों के उत्पादन में 25 प्रतिशत है। वर्तमान समय में इन दोनों जिन्सों की अधिकांश मात्रा मंडी में बेची जाती है और वहां ज्यादातर किसानों को बेहतर दाम नहीं मिल पाते।

prashant sharma Desk
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