हड़ताल कर रही महिला कर्मचारियों के साथ हुआ ऐसा हादसा,अधिकारियों में मचा हड़कंप

हड़ताल कर रही महिला कर्मचारियों के साथ हुआ ऐसा हादसा,अधिकारियों में मचा हड़कंप

monu sahu | Publish: Mar, 14 2018 04:15:45 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

भूख हड़ताल पर बैठे अतिथि विद्वानों को जूस पिलाने के लिए कई प्रयास किए

ग्वालियर। नियमितीकरण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रही महिला अतिथि विद्वान डॉ.पार्वती व्याग्रे की मंगलवार को हालत बिगड़ गई। उन्हें साथी शिक्षकों ने १०८ एम्बुलेंस से लेजाकर जेएएच के आइसीयू में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इससे पूर्व डॉ.रानी मुगल की तबीयत भी खराब हो चुकी है, उन्हें भी जेएएच में भर्ती कराया गया। महिला अतिथि विद्वान की तबीयत बिगड़ते ही प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

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उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे अतिथि विद्वानों को जूस पिलाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन नाकाम रहे। मंगलवार को उनके समर्थन में भाजपा नेता राकेश चौधरी भी आए। उन्होंने सभी शिक्षकों को समस्याओं के निराकरण के लिए सीएम को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।

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डीएसओ ने दिया जेयू कर्मियों को समर्थन
जेयू में प्रबंधन के नोटिस के बाद दैवेभो और ८९ डेज कर्मचारी काम ? पर तो लौटे, लेकिन नियमित कर्मचारियों ने उन्हें वापस हड़ताल पर बुला लिया, जिससे छात्रों के काम नहीं हो सके। मंगलवार को डीएसओ कार्यकर्ता मिताली पांडे ने साथी कार्यकर्ताओं के साथ जाकर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राकेश गुर्जर को अपना समर्थन दिया।

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२३ दिन धरने पर बैठे, अब क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे
नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले २३ दिनों से धरने पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। क्रमिक भूख हड़ताल की इजाजत के लिए उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिख दिया है। इधर १२ मार्च तक काम पर वापस न लौटने के अल्टीमेटम के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया है।संघ के प्रदेशाध्यक्ष मेघ सिंह बघेल व मीडिया प्रभारी धर्मवीर शुक्ला ने बताया कि अब आंदोलन तेज करने की रणनीति तय कर ली गई है। आंदोलन की शुरूआत डिजिटल गांधीगिरी से की जाएगी। अपनी मांगों को जनआंदोलन बनाएंगे। ५१ जिलों में अध्यक्षों की बैठक में आंदोलन की नीति तय कर ली गई है। सरकार की धमकी से कर्मचारी डरने वाले नहीं है।

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