पहले बड़ी बेटी को बीमारी ले गई, छोटी ने नाता तोड़ लिया, मम्मी-पापा के बारे में तो सोच लेती

महाराज बाड़ा पर एसबीआई के पास दुकान चलाने वाले भगवान सिंह और उनकी पत्नी स्वर्णा के सपने बिखर गए। जिन आंखों में बच्चों के लिए सपने संजोए थे, उनमें अब आंसू हैं

ग्वालियर . महाराज बाड़ा पर एसबीआई के पास दुकान चलाने वाले भगवान सिंह और उनकी पत्नी स्वर्णा के सपने बिखर गए। जिन आंखों में बच्चों के लिए सपने संजोए थे, उनमें अब आंसू हैं। हमेशा जिस बच्चे की फिक्र की, उसने एक बार भी नहीं सोचा कि उसके बगैर वे कैसे रहेंगे। जिंदगी तो कई बार परीक्षा लेती है, कभी हार होती है कभी जीत।
श्रीकृष्ण नगर सिकदंर कंपू में अब भगवान सिंह के घर पर शनिवार दोपहर तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब गम और आंसू हैं। वे कहते हैं कि बड़ी बेटी विकलांग थी। 22 साल तक उसकी सेवा कीं। वह भी छोड़ गई अब साक्षी ने भी नाता तोड़ लिया। हम तो मानो टूट ही गए। घटना को लेकर उनका कहना था कि शनिवार को टोटल लॉकडाउन था, इसलिए दुकान बंद थी। सुबह तक साक्षी खूब हंस बोल रही थी। नाश्ते में उसने चाय-बिस्किट खाए। दोपहर को हमने खाना खाया। बड़े भाई अविनाश के साथ हंस बोल रही थी। खाली वक्त में क्या करते तो सोने चले गए। दोपहर बाद पत्नी स्वर्णा की नींद खुली। बेटी को आवाज दी। साक्षी ने जवाब नहीं दिया तो पत्नी उसे देखने गई। साक्षी के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की खुली थी। अंदर झांका तो मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। साक्षी 10वीं की छात्रा थी। शनिवार को उसका रिजल्ट आया था। तीन विषयों में फेल थी। लेकिन उसके पास फोन नहीं था। घर में सिर्फ स्वर्णा के पास मोबाइल है। दोपहर में वह अपने पास फोन रखकर ही सोईं थीं।


पुलिस ज्वाइन करना चाहती थी
परिजन ने बताया कि साक्षी पढऩे में कमजोर नहीं थी। अक्सर कहती थी कि पढ़ाई पूरी कर पुलिस की नौकरी ज्वाइन करेगी। लंबाई कम होने की वजह से उदास होती थी कि यह खामी पुलिस की नौकरी हासिल करने में रोड़ा न बनेा। पता नहीं उसने कब और कैसे चुपचाप रिजल्ट देख लिया। किसने उसे कब बताया कि वह फेल हो गई है।


आखिरी 5 लाइन में लिखा
पुलिस ने बताया कि तलाशी में साक्षी की पेंट से सुसाइड नोट निकला है। करीब पांच लाइन के नोट में हिंदी और अंग्रेजी में उसने लिखा है कि परीक्षा में फेल होने से दुखी हूं। इसलिए सुसाइड कर रही हूं। अपनी मौत के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। पापा मुझे डांटते थे। पापा मम्मी को बुरा मत बोलना। हर्ष के हाथों मेरा अंतिम संस्कार करवाना। आई लव यू मम्मी पापा।

रिजल्ट आने के बाद छात्रा ने सुसाइड किया है। सुसाइड नोट में लिखी इबारत के आधार पर मामले की जांच होगी। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
प्रशांत यादव माधवगंज टीआई

रिज़वान खान Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned