गौरखी से कंपू तक बनेगा फ्लाईओवर, ड्रोन से सर्वे कर और भी तलाशेंगे संभावाएं

दक्षिण विधानसभा में ट्रेफिक समस्या से निजात पाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। शुक्रवार को विधायक प्रवीण पाठक ने पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी, ट्रेफिक पुलिस व निगम अधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान गौरखी से कंपू तक फ्लाईओवर बनाने की गुंजाइश के चलते अधिकारियों को इसका प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही और भी जगह फ्लाईओवर बनाए जाने के लिए फिजिविलिटी तलाशने को कहा है। पीडब्ल्यूडी द्वार अब यहां पर ड्रोन से सर्वे किया जाएगा और क्षेत्र में फ्लाईओवर के लिए जगह की तलाश की जाएगी।

पहुंचे। इसके बाद महाराज बाड़े से कंपू होते हुए सिकंदर कंपू, उसके बाद सिकंदर कंपू से शासकीय इंजीयिरिंग विद्यालय मामा का बाजार से माधवगंज थाने तक निरीक्षण किया। विधायक ने अधिकारियों को क्षेत्र के ट्रेफिक समस्या वाले प्वाइंट बताए और यहां पर फ्लाईओवर की गुंजाइश तलाशने के लिए कहा। इस दौरान महाराज बाड़े से कंपू तक १ किमी लंबे फ्लाईओवर बनाए जाने पर विधायक ने सहमति दी। पीडब्ल्यूडी ब्रिज कार्यपालनयंत्री एमएस जादौन ने बताया कि यहां फिजिविलिटी है तो विधायक ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर आयुक्त दिनेशचंद शुक्ला, ट्रेफिक डीएसपी नरेश अन्नौटिया, पीडब्ल्यूडी ईई ओम हरि शर्मा, ईई स्मार्ट सिटी अंकित शर्मा आदि मौजूद रहे।


ड्रोन से कराएं सर्वे
विधायक ने अधिकारियों को तारागंज, माधवगंज सहित अन्य इलाकों में भी फ्लाईओवर बनाने के लिए फिजिविलिटी चेक करने को कहा है। साथ ही उन्होंने ड्रोन के जरिए क्षेत्र का सर्वे करने को कहा है। माधवगंज में फ्लाईओवर बनाने के लिए जब कहा तो पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि यहां बिल्डिंग ऊंची हैं और लैंडिंग के लिए जो २० मीटर की जगह की जरूरत होती है वह भी नहीं है।


एक साल बाद भी नहीं मिली स्वीकृति
पीडब्ल्यूडी द्वारा शहर में २ जगहों पर फ्लाईओवर बनाए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर करीब १ साल पहले शासन को भेजा है लेकिन अभी तक इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं किया गया है। जिसके कारण यह प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। इसमें एक फ्लाईओबर हजीरा से चार शहर का नाका तक बनना था जिसकी लागत ५५ करोड़ थी। जबकि दूसरा शिंदे की छावनी से रामदास घाटी तक १.३५ किमी का है जो कि ६४ करोड़ की लागत से बनना है। इनके लिए अभी तक बजट की स्वीकृति नहीं मिली है, ऐसे में नए फ्लाईओवर का मामला भी फिलहाल अधर में ही है।

Vikash Tripathi
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