गोवंश की सेवा के लिए गोशाला में कबाड़ से हुए कई निर्माण

गोवंश की सेवा के लिए गोशाला में कबाड़ से हुए कई निर्माण

Parmanand Prajapati | Updated: 14 Jul 2019, 01:58:11 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

गोवंश की सेवा के लिए गोशाला में कबाड़ से हुए कई निर्माण

ग्वालियर. वैसे तो जुगाड़ शब्द हमेशा ही सुर्खियों में रहता है, लेकिन यहां बात नगर निगम द्वारा जब्त किए जाने वाले कबाड़ की हो रही है, जिसका उपयोग अब शहर के लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। गोशाला में गोवंश की सेवा कर रहे संतों ने निगम के कबाड़ से जुगाड़ करते हुए कई निर्माण कर डाले हैं। इनके लिए निगम
टेंडर करता तो लाखों रुपए खर्च करने पड़ जाते। इसमें निगम की ओर से केवल कबाड़ और वेल्डिंग मटेरियल ही
उपलब्ध कराया गया है, जिस पर गोशाला में काम कर रहे कर्मचारियों की मदद से संतों ने कई निर्माण किए हैं। इनमें कर्मचारियों के बैठने के लिए चौकी, भवन के ऊपर जाने वाली सीढिय़ां, बीमार और घायल गोवंश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए ट्रैक्टर के पिछले हिस्से में बड़े आकार का बकेट और कई प्रकार के गेट भी शामिल हैं। जो गोशाला में आने वाले लोगों के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं।

गेट- गोवंश को रखने के लिए गोशाला में गोला का मंदिर पर कुछ भाग किए गए हैं। इनमें कई स्थानों पर गेट दिए गए हैं, जिनमें नगर निगम से प्राप्त सीवर की पाइप लाइन की सफाई करने वाले मोटे तारों का उपयोग किया गया है। साथ ही उसे डिजायन भी किया गया है।


चौकी- गोशाला के गेट पर एक चौकी का निर्माण किया गया है, जिस पर गोशाला के गार्ड तैनात रहते हैं। साथ ही पानी की टंकी और ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर के लिए भी शेड का निर्माण कबाड़ से निकले लोहे के एंगल और टीनशेड से किया गया है।


सीढि़यां- गोशाला के सभागार के ऊपर जाने के लिए चैनल वाले गेटों से निकली लोहे की पत्तियां और डिवाइडर पर लगे ग्रिल का उपयोग सीढि़यां बनाने में किया गया है, जो आकॢषत करती हैं।


बाउंड्री- नई सरकार के गठन के बाद गोला का मंदिर स्थित मार्क हॉस्पिटल की जगह पर करीब २ हजार गोवंश रखने के लिए नई गोशाला तैयार की गई है। इसमें कई ब्लॉक बनाए गए हैं। इन ब्लॉक में भी निगम से कबाड़ के रूप में प्राप्त लोहे के एंगल, पटरी और गार्डर का उपयोग किया गया है।


शिफ्टर- गोशाला में चलने में असमर्थ बीमार और घायल गोवंश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए ट्रैक्टर के पीछे बड़े आकार का शिफ्टर बकेट लगाया गया है, जिस पर गाय को उसके बछड़े के साथ बैठाकर दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।

कबाड़ वस्तुओं से हो रहा नवाचार
-नगर निगम के मदाखलत, पार्क, पीएचई, स्मार्ट सिटी, स्टोर आदि से प्राप्त कबाड़ की वस्तुओं से गोशाला में नवाचार हो रहे हैं, जिससे गोमाता के लिए कई सुविधाओं को पूर्ण किया जा रहा है।
स्वामी अच्युतानंद, श्रीकृष्णायन देशी गोरक्षा शाला/ प्रबंधन सेवा कार्य गोशाला लाल टिपारा मुरार


-गोशाला को रॉल मॉडल बनाने में निगम के सभी विभागों का लगातार सहयोग मिल रहा है। जन भागीदारी से कई महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।
केशव चौहान, नोडल अधिकारी गोशाला


- पिछले कुछ वर्षों में गोशाला में कबाड़ से करोड़ों रुपए के कार्य किए गए हैं। उक्त कार्य भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसके लिए हम कई स्तरों पर काम कर रहे हैं।
संदीप माकिन, आयुक्त नगर निगम

 

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