चुनाव के लिए टिकट मांगना कोई बुरी बात नहीं

भाजपा को जो आरोप लगना है वह लगाए

ग्वालियर. मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट मांगने को लेकर हो रहे शक्ति प्रदर्शन पर पूर्व मंत्री और चुनाव प्रभारी तरुण भनोट ने सफाई देते हुए कहा, चुनाव के लिए टिकट मांगना कोई बुरी बात नहीं है। यदि कोई कार्यकर्ता पार्टी के लिए कई सालों से काम रहा है तो उसे टिकट मांगने का हक है। लेकिन किसको देना है यह पार्टी का नेतृत्व ही तय करेगा। पार्टी पहले ही तय कर चुकी है कि चुनाव में टिकट चेहरा देखकर नहीं बल्कि सर्वे के आधार पर दिया जाए।


भारत-चीन के संबंध पर भनोत ने कहा, भारत के चीन से ही नहीं बल्कि नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान से लगातार संबंध खराब हो रहे हैं। इसका दोष नेहरु, वर्तमान नेता और कांग्रेस पर नहीं डाल सकते हैं। कोरोना महामारी में जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे है लोग बेरोजगार हो रहे हैं। कोरोना महामारी में भारत में 400 लोग संक्रमित थे तो कमर तोड़ लॉकडाउन कर दिया। इतना तो आजादी समय विस्थापन में लोगों को परेशान नहीं होना पड़ा था जितना की आज हो रहे हैं। यह सब गुमराह करने भटकाने की राजनीति, मुद्दों को हटाने की राजनीति ये कांग्रेस की किताब में नहीं है, ये भाजपा ही कर सकती है।


गद्दार और दलाल जैसे शब्दों को पार्टियां मुद्दा बना रही है इस भनोत ने कहा, इसकी मुझे जानकारी नहीं है और न ही मैं व्यक्ति तौर पर इस तरह की शब्दावली का उपयोग करता हूं और न ही इस पर मेरा विश्वास है। उपचुनाव में कांग्रेस 15 साल अंतराल के बाद 15 महीने में जो काम किए है उनको लेकर जनता के बीच जाएंगे। जहां तक व्यक्तिगत आरोपों की बात है, ये उपचुनाव क्यों हो रहे हैं ये मेरे से बेहतर जनता जानती है। भाजपा को जो आरोप लगना है वह लगाए।

Patrika
राहुल गंगवार Desk
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