ये कैसी सुरक्षा?, न बैंक सतर्क न पुलिस निभा रही ड्यूटी

एजी ऑफिस परिसर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा में सोमवार को पेट्रोल पंप का कैश जमा करने आए मुनीम से तीन बदमाशों ने 3.75 लाख रुपए लूट लिए, पूर्व सांसद रामसेवक सिंह गुर्जर के भाई का है पेट्रोल पंप।


ग्वालियर। एसबीआई की एजी ऑफिस शाखा गेट पर लुटेरे बेसब्री से पेट्रोल पंप के मुनीम लक्ष्मण रजक (67) का इंतजार कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है लुटेरा बैंक के अंदर-बाहर जाने वालों के हर मूवमेंट पर नजर रखे था। उसकी हरकतों से साफ जाहिर हो रहा है, उसकी मंशा खतरनाक थी। 





लक्ष्मण से 3.75 लाख लूटने वाला झपटमार करीब 3 मिनट तक बैंक गेट पर खड़ा होकर उनका इंतजार करता रहा। उसकी हरकतें बैंक के सीसीटीवी में कैद होती रहीं, लेकिन अफसरों ने गौर नहीं किया कि आखिर अनजान युवक गेट पर क्यों खड़ा है? जबकि लूट की कई वारदातें सोमवार को ही हुईं हैं। इसलिए थानों को हिदायत है कि सोमवार सुबह बैंक खुलने के बाद पेट्रोलिंग कर बिना वजह बैंक के आसपास खड़े लोगों को पकड़े।  झांसी रोड थाने में सुबह तीन सब इंस्पेक्टर सहित पर्याप्त फोर्स मौजूद था, पर चैकिंग को तव्वजो नहीं दी।




बैंक को सुरक्षित समझ रहे थे
पंप का कारोबार संभालने वाले अशोक सिंह गुर्जर का कहना है, पंप मालिकों से कैश लूट की वारदातें देखकर मामा रामलखन ने एजी ऑफिस परिसर स्थित एसबीआई में खाता खुलवाया था। क्योंकि इस बैंक में बाहरी लोगों की आवाजाही कम रहती है। मामा रामलखन का घर माधवनगर में है। सिर्फ सड़क पार करने पर एजी ऑफिस परिसर है यहां मैन गेट पर सिक्योरिटी गार्ड भी रहता है।




झटका लगा और बैग ले गया

मुनीम लक्ष्मण का कहना है, थैले में पेट्रोल पंप पर बिक्री का पैसा था। रविवार को अवकाश की वजह से रकम ज्यादा थी। रविवार रात को करीब 1 लाख 95 हजार रुपए  पंप मालिक घर ले आए थे। करीब 1.77 लाख रुपए  (लक्ष्मण) के घर रखा था। सोमवार को पैसा जमा करना  था इसलिए सुबह नयागांव (पनिहार) से विक्रम में बैठकर  गोल पहाडि़या  आए। घर आकर पैसा लिया। एक्टिवा स्कूटर से पंप मालिक रामलखन गुर्जर के घर जाकर बाकी रकम उठाई। दोपहर करीब 12 बजकर 1 मिनट पर बैंक पहुंचे। गेट से करीब 25 मीटर दूर पेड़ के नीचे स्कूटर खड़ाकर डिग्गी से रुपयों का थैला निकालकर बैंक की तरफ बढ़े, तभी बैंक गेट पर खड़ा लुटेरा उन्हें आता देखकर फुर्ती से आया और झटके से थैला छीनकर भागा। उसका एक पैर कमजोर था। लुटेरा भागने में लगड़ा रहा था। पीछे से उसका दूसरा साथी भागा। उसे मददगार समझकर बोले, लुटेरा पैसा लेकर भाग रहा है उसे पकड़ो, लेकिन थोडी दूरी पर उनका तीसरा साथी लाल रंग की बाइक स्टार्ट कर खड़ा था। दोनों को बाइक पर बैठाकर भाग गया। हड़बड़ी में उनका हेलमेट भी गिर गया। शोर सुनकर बैंक में मौजूद लोगों ने लुटेरों का पीछा किया, लेकिन तीनों भाग गए। पंप मालिक को लूट की जानकारी देना चाही लेकिन मोबाइल में बैलेंस नहीं था।





इशारों में फंसा ऑपरेटर
पुलिस का कहना है, जिस वक्त लुटेरा बैंक गेट पर खड़ा था उस समय बैंक का जनरेटर ऑपरेटर उसे कुछ इशारे कर रहा था। आशंका है ऑपरेटर लक्ष्मण रजक को नहीं पहचानता होगा। ऑपरेटर के इशारे पर उसने लक्ष्मण का बैग छीना है। हालांकि पकडे़ जाने के ऑपरेटर वारदात में मिलीभगत से मुकर रहा है।





"पुलिस को बैंक की रुटीन चेकिंग के आदेश हैं, सोमवार को झांसी रोड पुलिस ने बैंक चेकिंग में लापरवाही क्यों बरती? इस पर टीआई से जवाब मांगा गया है। बैंक में लुटेरा सिर्फ मुनीम का इंतजार क्यों करता रहा? इस बिंदु पर केस की जांच की जा रही है।" 
- हरिनारायणाचारी मिश्र, एसपी
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