गजल नाइट हम तेरे शहर में आए मुसाफिर की तरह

ग्वालियर व्यापार मेले में गजल नाइट हम तेरे शहर में आए मुसाफिर की तरह ग्वालियर व्यापार मेले में गुरुवार की शाम गजल नाइट के नाम रही इसमें देर रात तक ऐसी महफिल सजी की रसिक जन सरोवर होते रहे कलाकारों ने अपनी आवाज से हर एक के दिल को छुआ देर रात तक ऑडियंस की परफॉर्मेंस आती रही और कलाकार अपने आवाज का जादू चलाते रहे कार्यक्रम की शुरुआत मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रशांत गंगवाल उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल सचिव ने दीप प्रज्वलित कर की ग़ज़ल नाइट का शुभारंभ भूपेंद्र खरीदने हसरत जयपुरी की गजल से किया उन्होंने सु

By: Vinod kumar Mahune

Published: 03 Jan 2020, 12:13 PM IST

ग्वालियर व्यापार मेले में गजल नाइट हम तेरे शहर में आए मुसाफिर की तरह ग्वालियर व्यापार मेले में गुरुवार की शाम गजल नाइट के नाम रही इसमें देर रात तक ऐसी महफिल सजी की रसिक जन सरोवर होते रहे कलाकारों ने अपनी आवाज से हर एक के दिल को छुआ देर रात तक ऑडियंस की परफॉर्मेंस आती रही और कलाकार अपने आवाज का जादू चलाते रहे कार्यक्रम की शुरुआत मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रशांत गंगवाल उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल सचिव ने दीप प्रज्वलित कर की ग़ज़ल नाइट का शुभारंभ भूपेंद्र खरीदने हसरत जयपुरी की गजल से किया उन्होंने सुनाया अपना बना के केक कत्ल करने की यह अदा नहीं रहे उल्फत सलीम खान ने नववर्ष का पहला गुरुवार होने से सबसे पहले साईं बाबा चरण करते हुए उनको भजन संपर्क किया जिसके बोल थे साईं को कहां ढूंढे रे बंदे वह तेरे पास है अगली गजल पेश करते हुए सलीम खान ने पड़ा फूल लबों पर लिखा गया कोई स्विफ्ट ने पढ़ा फिर छिड़ी रात बात फूलों की रात है बरात फूलों की गजल पेश करते हुए कहा

Vinod kumar Mahune
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