चिडिय़ाघर में तनावमुक्त होकर मस्ती कर रहे वनजीव

लॉकडाउन के कारण लगभग एक माह से बंद है जू

ग्वालियर. लॉकडाउन के कारण बाहरी इंसानों का दखल न होने से ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान (चिडिय़ाघर) के वन्यजीवों के व्यवहार में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। वे तनावमुक्त है और अपने-अपने पिंजरें और बाड़ों में खुलकर मस्ती कर रहे हैं। वनप्राणियों को शुद्ध हवा मिल रही है साथ ध्वनि प्रदूषण से भी राहत है, इसलिए वे प्राकृतिक वातावरण में खुद स्वच्छंद महसूस कर रहे हैं।


चिडिय़ाघर के प्रभारी डॉ. यादव ने बताया अभी लॉकडाउन से चिडिय़ाघर में सन्नाटा है। इससे सभी वन्य जीव मस्ती कर रहे हैं। यहां उन्हें जंगल जैसा वातावरण मिल रहा है। आम दिनों में जब पर्यटक आते थे तो बाघ, भालू, चिडिय़ा सामने आने से डरते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।


वनजीवों के एक्सपर्ट गौरव परिहार ने बताया, लॉकडाउन का समय वन्यजीवों के काफी अच्छा समय है। शांत वातवरण से वन्यजीवों में प्रजनन की संभावनाएं भी बढ़ेगी। चिडिय़ाघर में रोज लोगों का आना-जाना लगता रहता था इसलिए उनको शांत वातावरण नहीं मिल पाता था। लेकिन अब वे बिना किसी चिंता मस्ती कर रहे है। डाइट भी भरपूर ले रहे है। उनको फिलहाल फ्रूट, चने और हरी सब्जियां दी जा रही है।


हिप्पो पानी से बाहर आकर घूम रहा
चिडिय़ाघर में दर्शकों की उपस्थिति के कारण हिप्पो ज्यातर समय पानी में रहता है। लेकिन आजकल वह पानी के बाहर आकर समय बिता रहा है और बड़े ही आराम से घूमता है। पानी में जमकर मस्ती करता है उसके चेहरे पर तनाव कम दिख रहा है।


पूरे बाडे में मस्ती करते है बाघ
पब्लिक की चिल्लाने के कारण बाघ अपने बाडे में एक ही कोने में बैठे रहते थे, लेकिन आजकर पूरे बाडे में घूमते है और चारों और मस्ती कर रहे है। पानी से बाघ जमकर खेलते है। ऐसे पहली बार देखने को मिल रहा है।


बर्ड कर रही आपस में बात
चिडिय़ाघर में सबसे करीब से बर्ड देखी जा सकती है। लोगों की उपस्थिति में दिनभर पिंजरे में ये उड़ती रहती है जिससे वे तनाव में रहती है। उनके चहचहाने की आवाज भी एक-दूसरे को नहीं पहुंच पाती है। लेकिन आजकल वह पिंजरे में शांत है। दिनभर चहचहाकर एक-दूसरे से बात करती है।

Patrika
राहुल गंगवार Desk
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