MP: एक औरत ही चुराती थी बच्चियां, हार्मोन्स ग्रोथ कर बनाती थी वेश्या

बच्चा चोर लक्ष्मी कुशवाह ने ग्वालियर के अलावा झांसी-टीकमगढ़ से भी मां के आंचल से मासूमों को अगवा कर उन्हें जिस्म के सौदागरों को बेचा है।

(प्रतीकात्मक फोटो )

ग्वालियर। बच्चा चोर लक्ष्मी कुशवाह ने ग्वालियर के अलावा झांसी-टीकमगढ़ से भी मां के आंचल से मासूमों को अगवा कर उन्हें जिस्म के सौदागरों को बेचा है। टीकमगढ़ निवासी मजदूर राजू आदिवासी की बेटी नैना (6) को मां की नजरों के सामने लक्ष्मी ट्रेन से अगवा कर लाई थी। बच्चा चोर गिरोह के पकडे़ जाने पर पता चलने पर मंगलवार को झांसी जीआरपी की टीम ने नैना के नाना सीताराम के साथ मातृछाया जाकर बच्ची को पहचाना है। सीताराम अकेला आया था, इसलिए पुलिस नैना की मां को भी बुलाकर उसकी पुख्ता पहचान कराएगी।


सीताराम ने बताया कि दामाद राजू चंडीगढ़ में नौकरी करता है। बेटी भारती का पति राजू से विवाद हो गया था, इसलिए वह बेटे और बेटी को लेकर घर लौट रही थी। दिल्ली से भारती ताज एक्सप्रेस में सवार हुई। ग्वालियर से इसी ट्रेन में लक्ष्मी चढ़ी। रास्ते में उसने भारती से दोस्ती गांठी। झांसी पहुंचकर लक्ष्मी ने भारती से कहा, बच्चे भूखे हैं। उनके लिए कुछ खाने को ले आए। बच्चों की चिंता नहीं करे। उन्हें वह देख लेगी। चाहे तो बेटे को साथ ले जाए।


बच्चों का बदलते थे हुलिया
भारती उसकी बातों में आकर बेटे को साथ लेकर बच्चों के लिए कुछ खाना लेने चली गई। लौटी तो लक्ष्मी और बेटी नैना गायब थे। जीआरपी झांसी के इंस्पेक्टर आरसी मिश्रा ने बताया कि नैना को अगवा करने वाली महिला का हुलिया लक्ष्मी से मिलता-जुलता है। गिरोह के पकड़े जाने पर आशंका हुई तो नैना के नाना सीताराम को साथ लेकर आए। बच्चा चोरों ने नैना का हुलिया बदलने की कोशिश की है। भारती मजदूरी के लिए कहीं बाहर गई है। उसे भी  बुलाकर बेटी की पहचान कराई जाएगी।



बिस्किट-टॉफी खिलाकर अगवा करते थे बच्चियां
बच्चा चोर लक्ष्मी ने पुलिस को बताया गरीब परिवारों के बच्चियों को अगवा करना उसके लिए आसान था। जिस बच्ची को वह टारगेट करती। उसे मां की नजरों से चुराकर दूर ले जाती फिर उसे बिस्किट, टॉफी दिलाकर बहलाती थी। इनके लालच में बच्चियां भी उसके साथ चली आतीं। कोई टोकता तो वह उन्हें नातिन बताकर चकमा देती। खाने पीने के लालच में बच्चियां भी उसे नानी बतातीं।


बच्चियां सेफ ठिकानों पर, दलाल अंडरग्राउंड
दलाल राममिलन से मासूम बच्चियों को खरीदने वाले बदनापुरा के देह कारोबारी अंडर ग्राउंड हो गए है। खरीदी गई बच्चियों को सौदागरों ने सुरक्षित अड्डों पर शिफ्ट किया है। अब देह कारोबारी मध्यस्थों के जरिए पुलिस से डील की कोशिश में है पुलिस उन्हें छोड दे तो वह खरीदी गई बच्चियों को लौटा देंगे। उधर पुलिस का कहना है कि मासूमों के सौदागरों के कुछ ठिकाने पता चले हैं। उन्हें दबोचने के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है।

बेहोशी का नाटक, थाने में हड़कंप
आरोपी लक्ष्मी चकमा देने के लिए तमाम पैंतरे अपना रही है। मंगलवार को उसने पूछताछ में बेहोश होने का ढोंग रचा। आंखें बंद कर जमीन पर लुढ़क गई। काफी देर तक लक्ष्मी ने आंखें नहीं खोलीं तो थाने में हड़कंप मच गया। फिर धीरे-धीरे लक्ष्मी ने कहना शुरू किया कि उसके बेटों को छोड़ दो। उसे चाहे कितनी कड़ी सजा दे दो। उसकी हरकत भांप कर पुलिस ने भरोसा दिलाया कि उसके बेटों को जेल नहीं भेजा जाएगा तो लक्ष्मी आंखें खोलकर बैठ गईं। 

कुछ और खरीदारों का सुराग मिला
"मासूम बच्चियों के कुछ और खरीदारों का सुराग मिला है। उनको पकडऩे की तैयारी है। गिरोह ने यूपी से भी बच्ची चोरी की है। इसके अलावा और किन जगहों से बच्चियां चुराई है इसका भी पता लगाया जा रहा है।"
- डीबीएस भदौरिया, सीएसपी पड़ाव 
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gaurav nauriyal
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