अवैध उत्खनन पर रोक के लिए शासन कठोर कदम उठाए, ई-रॉयल्टी व्यवस्था लागू करें

अवैध उत्खनन पर रोक के लिए शासन कठोर कदम उठाए, ई-रॉयल्टी व्यवस्था लागू करें
अवैध उत्खनन पर रोक के लिए शासन कठोर कदम उठाए, ई-रॉयल्टी व्यवस्था लागू करें

Rizwan Khan | Updated: 13 Sep 2019, 11:19:57 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

उच्च न्यायालय ने सिंध नदी में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए नदी के अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां चेकपोस्ट स्थापित करने...

ग्वालियर. उच्च न्यायालय ने सिंध नदी में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए नदी के अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां चेकपोस्ट स्थापित करने पर अवैध उत्खनन पर कठोरता के साथ रोक लगाए जाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने खनन क्षेत्र में लगे वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए उन्हें जीपीएस से जोड़े जाने के भी निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति संजय यादव एवं न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की युगलपीठ ने यह आदेश भिंड जिले में सिंध नदी से हो रहे अवैध उत्खनन पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर प्रस्तुत जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। यह याचिका लक्ष्मीनारायण द्वारा एडवोकेट उमेश कुमार बोहरे के माध्यम से प्रस्तुत की गई थी।

कोर्ट ने दिए यह निर्देश
-मैनुअल रायल्टी चालान व्यवस्था को इलेक्ट्रोनिक चालान व्यवस्था में बदला जाए। यह व्यवस्था प्रति घंटे के हिसाब से सीमित वैधता वाली होना चाहिए।
-अवैध उत्खनन में लगे वाहनों की निगरानी की जाए।
- अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए तैनात अधिकारियों को साधन मुहैया कराए जाएं।
-जहां अवैध उत्खनन हो रहा है वहां प्रवेश एवं निकासी पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जाएं।
-अवैध खदानों को बंद करने के लिए कदम उठाएं जाएं।
-खदानों से होने वाले उत्खनन में रिमोट सेंसिंग तकनीकी का इस्तेमाल किया जाए।


18 नवंबर को पेश करनी होगी पालन रिपोर्ट
उच्च न्यायालय ने राज्य शासन को उक्त निर्देश देते हुए याचिका का निराकरण कर इस मामले में 18 नवंबर तक प्रतिपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश भी दिए हैं।


6.96 करोड़ का किया गया जुर्माना
इस मामले में शासन द्वारा कोर्ट के निर्देश पर प्रस्तुत जवाब में कहा गया कि शासन द्वारा अवैध उत्खनन में लगे लोगों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2018-19 में अवैध उत्खनन में लगे लोगों पर 1063 मामले दर्ज किए गए। इनमें अवैध रेत के खनन के 14 मामले थे। 1022 मामले अवैध रेत के परिवहन पर दर्ज किए गए। इसके अलावा अवैध भंडारण करने वाले 27 लोगों पर भी मामले दर्ज किए गए। इस दौरान अवैध उत्खनन में लगे लोगों पर 6 करोड़ 96 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना किया गया।


ओवर लोड वाहनों पर भी की गई कार्रवाई
शासन की ओर से कहा गया कि अवैध उत्खनन में लगे वाहनों के ओवर लोड होने पर भी मामले दर्ज किए गए। जनवरी 19 में ऐसे 50 मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने रेत चोरी के मामले भी दर्ज किए हैं। वहीं, सडक़ परिवहन विभाग द्वारा शर्तों का उल्लंघन करने पर इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बिना परमिट के अवैध उत्खनन में लिप्त वाहनों पर यह कार्रवाई की गई।

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