इंडस्ट्री के अकॉर्डिंग तैयार सिटी इंस्टीट्यूट्स, स्टूडेंट्स का बढ़ रहा सिलेक्शन रेश्यू

इंडस्ट्री के अकॉर्डिंग तैयार सिटी इंस्टीट्यूट्स, स्टूडेंट्स का बढ़ रहा सिलेक्शन रेश्यू
PATRIKA TALK SHOW

Mahesh Gupta | Publish: May, 22 2019 12:38:20 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

इंडस्ट्री के अकॉर्डिंग तैयार सिटी इंस्टीट्यूट्स, स्टूडेंट्स का बढ़ रहा सिलेक्शन रेश्यू

पत्रिका ऑफिस में आयोजित टॉक शो में शामिल हुए एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के चेयरमैन व डायरेक्टर

आज जॉब सिनेरियो चेंज हुआ है। इंडस्ट्री और मल्टी नेशनल कंपनीज की डिमांड बदल चुकी है। उसी के अनुसार शहर के इंस्टीट्यूट ने भी अपने आपको अपडेट किया है। स्टूडेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, फैसिलिटी बढ़ाने के साथ ही स्पेशलाइज कोर्सेज को भी जोड़ा गया है। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में शहर का प्लेसमेंट रेश्यू भी इंक्रीज हुआ है। यह कहना है शहर के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के चेयरमैन, डायरेक्टर्स और प्रिंसिपल का। वह पत्रिका की ओर से मंगलवार को आयोजित टॉक शो में शामिल हुए थे, जिसमें एजुकेशन से जुड़े कई विषयों पर डिस्कशन हुआ। सभी ने अपने-अपने विचार साझा किए।


अधिक कॉन्फीडेंट न होकर स्किल पर दें ध्यान
टॉक शो में 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के रिजल्ट पर भी चर्चा हुई। इस पर निकलकर आया कि स्टूडेंट्स ने वाकई बेहतर किया है। वे अच्छा रिजल्ट लेकर आए हैं, लेकिन 95 से 98 परसेंट लाकर उन्हें अधिक कॉन्फीडेंट होने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि जब आप ग्रेजुएशन लेवल पर फाइट करते हैं, तो आपका सामना हजारों कॉम्पीटिटर के साथ होता है। इसलिए अपने आपको और इंटेलीजेंट बनाने की ओर ध्यान दें और जो आपने तैयार किया है, उसे ये सोचकर न भूलें कि अब क्या फायदा। क्योंकि जब आप जॉब के लिए रिक्रूट होंगे, तब शुरू से लेकर अंत तक तैयार की गई हर एक स्किल आपके काम आएगी।

शहर में शुरू हो चुके स्पेशलाइज कोर्स
रिक्रूटमेंट के लिए इंडस्ट्री की डिमांड आज बदल चुकी है। हमें भी उन्हीं के अनुसार स्टूडेंट्स तैयार करने होंगे। अब सिम्पल बीबीए या सिम्पल बीटेक का समय चला गया। आज स्पेशलाइज कोर्सेज चाहिए, जो शहर में शुरू हो चुके हैं। यही कारण है कि हमारे यहां टॉप मल्टी नेशनल कंपनीज शिरकत कर रही हैं। पिछले तीन साल की बात की जाए, तो हमारे यहां सिलेक्शन रेश्यू भी काफी बढ़ा है, लेकिन कुछ इंस्टीट्यूट को अभी स्टूडेंट्स के अच्छे फ्यूचर के लिए वर्क करने की आवश्यकता है।
दौलत सिंह चौहान, एमडी, आईटीएम यूनिवर्सिटी

...अब सुधर रही ग्वालियर की छवि
कुछ इंस्टीट्यूट के कारण शहर की छवि खराब हुई है। इसके लिए जरूरी है कि इंस्टीट्यूट अपने यहां स्मार्ट स्टडी पर फोकस करें। एक्स्ट्रा कॅरिकुलम से जुड़े। रिसर्च को प्राथमिकता पर रखें। स्किल एजुकेशन पर फोकस करें। कल्चरल, स्पोट्र्स एक्टिविटी बढ़ााएं और अपने एचीवमेंट की अधिक से अधिक ब्रांडिंग करें। डिग्री के साथ स्किल का होना बहुत जरूरी है। हालांकि अधिकतर इंस्टीट्यूट ने इन सब पर काम शुरू कर दिया है। यही कारण है कि लोगों की नजर में ग्वालियर की छवि सुधर रही है।
एसएस भाकर, डायरेक्टर, प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट

इंस्टीट्यूट कर रहे ओवर ऑल डवलपमेंट
हम कॉलेज लेवल पर स्टूडेंट्स को सिलेबस के अलावा अन्य एक्टिविटी से जोडकऱ उनका ओवर ऑल डवलपमेंट कर रहे हैं, जिससे जब वह जॉब के लिए अपने कॉम्पीटिटर के साथ बैठे, तो कहीं से कमजोर साबित न हो, फिरभी प्रोफेशनल कोर्सेस के सिलेबस में आज बदलाव की जरूरत है। क्योंकि इंडस्ट्री की डिमांड बदल चुकी है। इसके लिए जरूरी है कि यूनिवर्सिटी हर साल अपने सिलेबस को लेकर इंडस्ट्री कॉलेज संचालक से फीडबैक ले। इससे स्थितियां बेहतर होंगी।
अमित जैन, चेयरमैन, अंश ग्रुप ऑफ कॉलेजेस

यूनिवर्सिटी तय समय में कराए कोर्स कम्प्लीट
आज शहर के स्टूडेंट्स बाहर जाकर पढऩा चाहते हैं। इसका एक कारण यूनिवर्सिटी द्वारा एक कोर्स को दो साल की जगह तीन साल में पूरा कराया जाना भी है। बाहर से स्टूडेंट्स के न आने का कारण ग्वालियर को चंबल के नाम से पहचाना जाना है। जबकि अब स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। ग्वालियर अब एजुकेशनल हब बन चुका हैं। यहां स्टूडेंट्स को जॉब ओरिएंटेड कोर्स कराए जा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में सिलेक्शन रेश्यू भी बढ़ा है।
अनुपम राठौर, डायरेक्टर, ड्रीम वैली

डिग्री के साथ खुद का एक्सपोजर भी जरूरी
स्टूडेंट यदि यह सोचकर डिग्री ले रहा है कि उसको इस डिग्री के माध्यम से नौकरी मिल जाएगी, तो गलत है। उसे उसी डिग्री के अकॉर्डिंग अपने आपको एक्सपोजर देना होगा। इसके लिए जरूरी है कि वह प्रॉपर क्लासेस ले। ऐसे स्टूडेंट या ऐसे कॉलेज जो परमानेंट क्लासेस नहीं ले रहे, वे अच्छा नहीं कर रहे। हमारे यहां हर प्रोफेशनल कोर्सेज की 100 परसेंट क्लासेस लगती हैं और 60 परसेंट स्टूडेंट्स अटेंड करते हैं। ऐसा ही व्यवहार सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को अपनाना होगा।
डॉ. दीपिका भटनागर, प्रिंसिपल, बीवीएम कॉलेज

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned