दफ्तर में दुर्दशा की दास्तां बयां करते गारंटी पीरियड के दस हजार बिजली मीटर

शहर के बिजली घरों पर डेढ़ साल से बढ़ी तादाद में बिजली मीटर रखे गए थे। इन मीटरों को लेकर बिजली अफसर बेफिक्र है। यह गारंटी पीरियड के इन मीटरों को लैब टेस्ट कराए जाने और उपभोक्ता को पुन: इश्यू किए जाने की प्रक्रिया नहीं हो पा रही है। जोन स्तर पर रखे मीटरों की स ंख्या करीब दस हजार बताई जा रही है।

ग्वालियर। शहर में हर महीने उपभोक्ताओं द्वारा बिजली मीटर खराब होने, डिफेक्ट होने और जलने की शिकायत की जाती है। कई बार जोन स्तर पर मीटर न होने की बात कहकर बिजली उपभोक्ता को चलता कर दिया जाता है। शहर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या अच्छी खासी है जिनके खराब मीटरों को न बदलकर उन्हें आकलित खपत का बिल पकड़ाया जाता है। जबकि उसी जोन पर ऐसे भी मीटर है जो चालू हालत में हैं। इन मीटरों की मीटर लैब में जांच रिपोर्ट कराए जाने के बाद या फिर उपभोक्ता को इश्यू किए जा सकते हैं या फिर एरिया स्टोर में जमा कराकर मांग के अनुरूप आपूर्ति किए जा सकते हैं। सिटी सर्किल के जोन से लेकर शहरी वृत्त के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। इस वजह से गारंटी पीरियड के बिजली मीटर शहर के १८ जोन ऑफिस में धूल खा रहे हैं।

ग्रुप मीटर लगाए जाने के दौरान घरों से निकले थे मीटर

जोन ऑफिस में धूल खा रहे बिजली मीटरों को घरेलु उपभोक्ताओं से करीब डेढ़ साल पहले निकाले गए थे। हर जोन पर टेस्टिंग पीरियड में करीब १५०० ग्रुप मीटर लगाए गए थे। एक ग्रुप मीटर लगाए जाने के दौरान करीब दस घरेलु उपभोक्ताओं की दीवारों पर लगे मीटर को हटाकर डिजीटल रीडर प्लेट लगाई गई थी। यह मीटरों को जोन ऑफिस में रखवाए गए थे, तब से अब तक यह मीटर जोन ऑफिस में रखे हुए हैं।

लैब में टेस्ट न होने से बनी स्थिति
यह मीटरों को दो तरीके से सुरक्षित किए जा सकते है। पहले इन मीटरों को रोशनी घर स्थित संभाग की मीटर टेस्टिंग लैब में टेस्ट कराए जाने होंगे। इसके बाद जो मीटर की रिपोर्ट ओके आए उन्हें पुन: उपभोक्ताओं के घर लगाए जा सकते है। यह मीटर स्वयं सिटी सर्किल के अधिकारी अपने स्तर पर इश्यू कर सकते है या फिर एरिया स्टोर में जमा कराकर दूसरे जिलों के उपभोक्ताओं के लिए उपयोग में आ सकते हैं। संभाग की सबसे बड़ी मीटर टेस्टिंग लैब में कुछ जोन के अधिकारियों ने मीटर जांच कराए जाने के प्रयास किए। जोन ऑफिस में तैनात जेई-एई का कहना है कि मीटर की जांच न करने में लैब के अधिकारियों ने लापरवाही बरती है वह हर बार काम अधिक होने की बात कहकर मामला टाल देते हैं। इस वजह से मीटरों की जांच नहीं कराई जा सकी।

बिजली अफसर भी एक मत नहीं
इन मीटरों की सुध को लेकर बिजली अफसर एक तरफ भूले हुए हैं। वहीं दूसरी ओर बिजली अफसरों में मीटरों को सुरक्षित किए जाने और लोगों के उपयोग में लाने एवं शासन का पैसा बचाए जाने पर एकमत नजर नहीं आ रहे हैं। एरिया स्टोर के अधिकारी चाहते है कि यह बिजली मीटर को लैब में जोन स्तर पर टेस्ट कराए और सीधे उपभोक्ता की जरूरत के हिसाब से शहर में लगवाए जाएं। वहीं शहरी वृत्त के अधिकारी चाहते है कि यह बिजली मीटर को एरिया स्टोर में सीधा भेज दिए जाएं और एरिया स्टोर के अधिकारी अपने स्तर पर जांच कर उनका उपयोग सुनिश्ििचत करें।

वर्जन

यह बिजली मीटर अच्छे और चालू हालत में हैं। इन मीटरों को लैब में जांच कराए जाने के बाद पुन: उपभोक्ता को इश्यू करना चाहिए। एरिया स्टोर में जाम करने का कोई फायदा नहीं है।

नितिन मांगलिक, महाप्रबंधक, एरिया स्टोर, मक्षेविविकंलि
वर्जन

मीटरों की जांच कराए जाने के बाद एरिया स्टोर में जमा कराएं जाएंगे। जल्द ही यह मीटर एरिया स्टोर में भेज जाएंगे।

डीएस ठाकरे, महाप्रबंधक, सिटी सर्किल, मक्षेविविकंलि

Pawan Dixit
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