बड़ी खबर : अंचल के दो कॉलेजों की पीएचडी की मान्यता रद्द, ये रहे उनके नाम

बड़ी खबर : अंचल के दो कॉलेजों की पीएचडी की मान्यता रद्द, ये रहे उनके नाम

Gaurav Sen | Updated: 15 Jun 2019, 05:12:27 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

चिकित्सा विज्ञान में पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा आज, सिर्फ पंजीकृत छात्र ही पात्र

ग्वालियर. मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर द्वारा चिकित्सा विज्ञान के फिजियोथेरेपी, नर्सिंग फैकल्टी, आयुर्वेदी फैकल्टी, डेंटल फैकल्टी और मेडिकल फैकल्टी के लिए पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों की प्रवेश परीक्षा 15 जून को आयोजित की गई है। इसके लिए 8 जून को जारी लिस्ट में जिन कॉलेजों को पात्रता दी गई थी, उनमें कमियों होने की शिकायतें आने के बाद 13 जून को दोबारा से बैठक करके कॉलेजों के नाम संशोधन करके तय किए गए हैं। इसमें मुरैना की अंश एकेडमी और माधवीराजे नर्सिंग महाविद्यालय को वर्ष 2019-20 के सत्र में पीएचडी कराने के लिए मान्यता नहीं दी है। इनकी मान्यता वापस लिए जाने के बाद अब ग्वालियर के जय इंस्टीटयूट ऑफ नर्सिंग एंड रिसर्च के पास ही नर्सिंग फैकल्टी में पीएचडी कराने की पात्रता रह गई है।

नर्सिंग की मान्यता नहीं, पीएचडी की लिस्ट में था नाम
इससे पहले पीएचडी कराने वाले कॉलेजों की लिस्ट जारी की गई थी। इस लिस्ट में एक कॉलेज (रामकृष्ण नर्सिंग कॉलेज) को भी शामिल किया गया था, जबकि उस कॉलेज को तो नर्सिंग पाठ्यक्रम तक के लिए मान्यता नहीं थी। दो कॉलेजों ने सीट्स की संख्या बताने में अनियमितताएं बरतीं थीं। इन कॉलेजों की जांच में पता चला कि बहुत सी जानकारियां आधी-अधूरी बताई गई थीं। सूत्र बताते हैं कि अब कॉलेज संचालक राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी पर दबाव बनाकर पात्रता लेने की कोशिश में जुटे हैं।

गुमराह करने की हुई थी कोशिश
मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी का कहना है कि पूर्व में लोकल इंस्पेक्शन कमेटी ने जो इंस्पेक्शन किया था। उसमें सही पाया गया था। लेकिन बाद में पता चला कि कॉलेजों ने एक्स्ट्रा एनरोलमेंट कराए थे। जिसकी जानकारी मांगी गई थी तो प्रिंसिपल ने जानकारी दी कि 40 सीट की अनुमति है। जबकि वास्तविक अनुमति सिर्फ 30 सीट की दी गई है। इसके बाद कॉलेज को नोटिस जारी किया गया और माफी मांगने पर वार्निंग देकर छोड़ दिया गया था। लेकिन हाल ही में पीएचडी बोर्ड कमेटी में जब इन कॉलेजों के प्रकरण प्रस्तुत हुए तो शिकायतें भी आईं। जिनके आधार पर यह विचार किया गया है कि पीएचडी की गरिमा को मेंटेन रखने के लिए इनकी पात्रता को रद्द करना उचित है।

पूर्व में इनको मिली थी पात्रता
माधवीराजे नर्सिंग कॉलेज को तीन सीट आवंटित कर मेंटल हैल्थ नर्सिंग में पीएचडी कराने की पात्रता दी थी। द एकेडमी ऑफ नर्सिंग साइंस एंड हॉस्पिटल ग्वालियर को तीन सीट मेडिकल सॢजकल नर्सिंग में, तीन सीट कम्यूनिटी हैल्थ नर्सिंग में और तीन सीट चाइल्ड हैल्थ नर्सिंग में आवंटित की थी। इनकी मान्यता रद्द किए जाने के बाद अब सिर्फ जय इंस्टीटयूट ऑफ नर्सिंग रीसर्च ग्वालियर को मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग में पीएचडी कराने के लिए तीन सीट आवंटित की गई हैं।

जिन कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई है, उनके इंस्पेक्शन के समय व्यवस्थाएं सही मिली थीं, लेकिन बाद में जब कमेटी बैठी तो आपत्ति के आधार पर जांच की गई तो पाया गया कि कॉलेजों ने गलत जानकारी दी थी। इसके आधार पर पीएचडी कराने की मान्यता नहीं दी गई है। जिन छात्रों ने एनरोलमेंट करा लिया है, वे प्रवेश परीक्षा दे सकते हैं। मैरिट में आने पर उनको दूसरे कॉलेज अलॉट कर दिए जाएंगे।
डॉ आरएस शर्मा, वीसी-मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर

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