ग्वालियर का अमरूद, गुलाब और गेंदा बना आमदनी का जरिया

गुलाब की बिक्री से किसानों को हो रही हर दिन 1500 रुपए की आमदनी, संक्रमण काल में किसानों की आय बढ़ाने जिले की 700 हैक्टेयर कृषि भूमि पर फलोद्यान लगाने का लक्ष्य

By: prashant sharma

Published: 27 Jul 2020, 06:04 PM IST

ग्वालियर. कोविड-19 संक्रमण काल में एक ओर जहां लोग रोजगार की तलाश में परेशान हो रहे हैं, दूसरी और जिले के छोटे किसानों ने सीमित संसाधन और कम जमीन में ही फल और फूलोंं की खेती को नगद आमदनी का जरिया बना लिया है। हॉर्टीकल्चर, जिला पंचायत के संयुक्त प्रयास से अब घाटीगांव और भितरवार क्षेत्र के किसानों की मेहनत ने रंग लाना शुरू कर दिया है। हॉर्टीकल्चर के सहायक संचालक एसएस तोमर ने बताया कि वर्तमान में करीब 100 हैक्टेयर मेंं ग्वालियर-27 जैसी मीठे अमरूद की किस्म सहित अन्य फलों की खेती हो रही है, जबकि 60 हैक्टेयर में फूलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का काम कर रही है। किसानों की मेहनत का परिणाम है कि एक एकड़ में करीब 2 लाख रुपए के अमरूद हुए हैं और गुलाब की खेती प्रतिदिन सवा बीघा जमीन में ही करीब 1500 रुपए प्रतिदिन आय दे रही है। अच्छे परिणामों के बाद अब जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा ने जिले की करीब 700 हैक्टेयर भूमि पर 200 फलोद्यान तैयार करवाने का लक्ष्य रखा है। फलोद्यानों के लिए हॉर्टीकल्चर ने अमरूद, सीताफल के पौधे तैयार किए हैं।जबकि कृषि विज्ञान केन्द्र में आम, जामुन, मुनगा की बेहतर किस्में तैयार हैं।

हॉर्टीकल्चर ने विकसित की पौध
सीजन के लिए अमरूद 34 हजार नए पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
20 हजार अमरूद के पौधे पहले से ही तैयार हैं।
अमरूद की किस्मों में इलाहाबादी सफेदा, लखनऊ-49, ग्वालियर-27, ललित, स्वेता शामिल हैं।
इन किस्मों में सबसे ज्यादा मांग ग्वालियर-27 की है।
कर रहे रोजगार सृजित
फल और फूलों की खेती कर रहे छोटे किसानों ने कम जमीन में ही अच्छी आमदनी का स्रोत ढूंढ लिया है।
जिले के यह किसान आत्म निर्भर होने के साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार सृजित करने का माध्यम बन रहे हैं।
अब यह है तैयारी
कम जमीन वाले किसानों के खेतों पर अब करीब 700 हैक्टेयर कृषि भूमि पर 200 नंदन फलोद्यान लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
अन्य फलों के 80 हजार पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है।
पंचायतों में किसानों के प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।

आत्मनिर्भर हैं यहां के किसान
बनवार, मउछ, हिम्मतगढ़ क्षेत्र के किसानों ने 100 हैक्टेयर भूमि में अमरूद सहित अन्य फलों की खेती को प्राथमिकता दी है।
भयपुरा, संदलपुर-आंतरी की 60 हैक्टेयर भूमि में गुलाब, गेंदा, कच्ची सेवंती की फसल को उगाया जा रहा है।
दो बीघा के एक लघु कृषक ने करीब 2 लाख रुपए के अमरूद अभी तक विक्रय किए हैं।
एक एकड़ से हर दिन करीब 1500 रुपए का गुलाब निकल रहा है।
गेंदा के फूलों की बिक्री 20 रुपए प्रति किलो थोक में हो रही है, जबकि बाजार में यह 40 से 60 रुपए प्रति किलो में बिक रहा है।

200 प्रकरण तैयार करने का है लक्ष्य
'किसानों की निश्चित आय का जरिया बनाने के लिए नंदन फलोद्यान योजना के अंतर्गत इस बार हमने 200 प्रकरण तैयार करने का लक्ष्य रखा है। पूर्व में जिन किसानों ने फलोद्यान लगाए हैं, उनको अच्छी खासी आमदनी हो रही है। इससे छोटे किसानों का जीवन स्तर सुधरा है और दूसरे किसानों को भी आत्मनिर्भर होने की प्रेरणा मिल रही है। '
शिवम वर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी-जिला पंचायत

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