किसी की पैरवी नहीं सुनती है यह 'कड़क' अफसर, मंत्री को कहना पड़ा था कि 'यहां या तो SDM रहेगी या फिर मैं'

किसी की पैरवी नहीं सुनती है यह 'कड़क' अफसर, मंत्री को कहना पड़ा था कि 'यहां या तो SDM रहेगी या फिर मैं'

Muneshwar Kumar | Updated: 12 Oct 2019, 03:02:40 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

जानिए, कौन हैं एसडीएम जयति सिंह, जिनकी खूब होती है चर्चा

ग्वालियर/ दफ्तर से जैसे ही लेडी आईएएस अफसर निकलती है बाहर, वैसे ही अवैध कामों में संलिप्त लोगों में मच जाती है खलबली। करती वहीं है जो कानून के दायरे में। जहां भी पोस्टिंग होती है अवैध कारोबारियों की तो सामत आ जाती है। हम बात कर रहे हैं ग्वालियर में तैनात मुरार एसडीएम जयति सिंह की। जयति सिंह यहं से पहले डबरा की एसडीएम थीं लेकिन वहां मंत्री से ही उलझ पड़ी थी।

ग्वालियर जिले स्थित मुरार की एसडीएम जयति सिंह 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। जहां भी इनकी पोस्टिंग रही वहां उन्होंने काम से एक अलग पहचान बनाई है। अब मुरार में भी उन्होंने मिलवाटखोरों और अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। त्यौहारों से पहले उन्होंने कई मिलावट खोरों के खिलाफ कार्रवाई की है। शुक्रवार की रात उन्होंने रेस्टोरेंट और शराब की दुकानों पर छापेमारी की।

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रेस्टोरेंट में मिले घरेलू गैस सिलेंडर
एसडीएम जयति सिंह ने रात ग्यारह से साढ़े बारह बजे शराब की दुकानें और हाइवे पर रेस्टोरेंट और ढाबों की चेकिंग की। इस दौरान गांधी रोड पर देशी शराब की दुकान पर बियर की बोतलें मिलीं जबकि अंग्रेजी शराब की दुकान पर स्टॉक का मिलना किया। जलालपुर में सरदार रेस्टोरेंट में दो घरेलू गैस सिलेंडर मिले। एसडीएम ने कारोबारियों से पांच हजार रुपये जुर्माना वसूलने की कार्यवाही की।

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इलाके में मची रही खलबली
जयति सिंह जिस इलाके में जांच अभियान चल रही थीं, उन इलाकों में खलबली मची हुई थी। यहीं नहीं वह सड़कों पर लोगों को रोक जांच करती नजर आईं। एसडीएम को शराब के ठेकों पर जाकर स्टॉक रजिस्टर की जांच करती नजर आईं। हाथ में लाठी लेकर वह खुद ही गाड़ियों को रोकतीं और पुलिसवाले तलाशी लेते रहें।

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डबरा की थीं एसडीएम
मुरार से पहले जयति सिंह डबरा में पोस्टेड थीं। वहां भी अवैध रेत उत्खनन कर रहे लोगों के खिलाफ खूब कार्रवाई की थी। यही नहीं डबरा में अपनी पोस्टिंग के दौरान कृषि उपज मंडी में नियमित रूप से किराया न जमा करने वाले व्यापारियों की दुकानों को सील करवा दिया था। लेकिन मंत्री इमरती देवी ने कुछ बंद दुकानों को खुलवा दी थीं। वहां जाकर इमरती देवी ने व्यापारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया था।

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'डबरा में या तो एसडीएम रहेगी या फिर मैं'
उसके बाद तत्कालीन एसडीएम जयति सिंह ने अवैध रूप से सील तोड़ने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उसके बाद व्यापारियों ने इमरती देवी को पूरे मामले से अवगत कराया। उसके बाद वह भड़क गईं और यहां तक कह दिया कि डबरा में या तो एसडीएम रहेगी या फिर मैं। फिर सीएम से शिकायत कर जयति सिंह को हटाने की मांग की।

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अगस्त में हुआ ट्रांसफर
कहा जाता है कि मंत्री इमरती देवी से उलझना ही जयति सिंह को भारी पड़ गया। उसके बाद 25 अगस्त को उनका तबादला हो गया। जयति सिंह को ग्वालियर जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। बाद में भी फिर जयति सिंह को मुरार का एसडीएम बनाया गया है। तीन सितंबर से जयति सिंह ने मुरार एसडीएम के तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया।

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कौन हैं जयति सिंह

जयति सिंह की पहचान एक कड़क अधिकारी के रूप में है। वह यूपी की रहने वाली हैं और 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। जयति के पति भी आईएएस अधिकारी हैं। पति शिवम वर्मा ग्वालियर जिला पंचायत के सीईओ हैं। शिवम 2013 बैच के अधिकारी हैं।

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