scriptGwalior will be able to get cultural identity through home stay scheme | होम स्टे योजना से ग्वालियर को दिला सकेंगे सांस्कृतिक पहचान | Patrika News

होम स्टे योजना से ग्वालियर को दिला सकेंगे सांस्कृतिक पहचान

- ग्वालियर में होम स्टे संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए मप्र टूरिज्म की कार्यशाला में 65 प्रतिभागी हुए शामिल

ग्वालियर

Published: December 22, 2021 11:06:00 am

ग्वालियर. हमारे यहां अतिथि को भगवान स्वरूप माना जाता है। मेहमानों का घर पर होना और उनकी सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात होती है। भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों में से अधिकांश पर्यटक भारतीय संस्कृति, परंपरा, खान-पान एवं आतिथ्य का अनुभव करने के लिए हमारे यहां आते हैं। वर्तमान में पर्यटकों को बदलते रूझान को देखते हुए अनुभव आधारित पर्यटन में बेहतर सेवाओं के लिए होम स्टे संबंधी नवीन नीतियों को लागू किया गया है। होम स्टे योजना से जुडकऱ उसे आजीविका का साधन बनाया जा सकता है। यह बात आइएचएम के प्राचार्य पुलकीत भाम्बी ने मंगलवार को ग्वालियर में होम स्टे योजना की जानकारी एवं नवीन पंजीयन को लेकर होटल तानसेन रेसीडेंसी में हुई कार्यशाला के दौरान कही। मप्र टूरिज्म की ओर से हुई कार्यशाला में 65 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यशाला में आइआइटीटीएम के चन्द्रशेखर बरूआ ने जिलें में होम स्टे संस्कृति के व्यापक प्रचार-प्रसार कर अपनी स्थानीय संस्कृति, खान-पान, वेश-भूषा के माध्यम से पर्यटन के क्षेत्र ग्वालियर को नवीन पहचान दिलाने में योगदान मांगा। प्रशांत छिरोल्या ने शासन की होमस्टे योजना, फॉर्म स्टे, ग्राम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी का प्रस्तुतीकरण दिया। इसके अतिरिक्त उपस्थित लोगों की होम स्टे संबंधी समस्याओं की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में कोविड-19 की विपरीत परिस्थितियों के कारण होम स्टे की प्रासंगिकता अधिक होने के कारण योजना से जुडकऱ अधिक लाभ ले सकते हैं। कार्यशाला में संजय मल्होत्रा, सुजाता मौर, अक्षिता शर्मा, परमेन्द्र रावत आदि उपस्थित थे।
होम स्टे योजना से ग्वालियर को दिला सकेंगे सांस्कृतिक पहचान
होम स्टे योजना से ग्वालियर को दिला सकेंगे सांस्कृतिक पहचान
क्यों करें होम स्टे प्रारंभ
- ग्रहिणी, सेवानिवृत्त व्यक्ति, व्यवसायी जिन्हें नए लोगों से मिलना उनके अनुभव साझा करना अच्छा लगता है ऐसे लोग जुड़ सकते हैं।
- जो लोग घर पर रहकर ही नवीन कार्य प्रारंभ करना चाहते हैं।
- तेजी से बढ़ते पर्यटन व्यवसाय से जुडऩा चाहते हैं और वर्तमान कार्य के साथ-साथ पर्यटन के जरिए घर बैठे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
- घर में कम से कम 1 एवं अधिकतम 6 अतिरिक्त कक्ष हैं तो अतिरिक्त कक्ष से अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।
ये है पंजीयन प्रक्रिया
संपत्तिधारक स्वयं अथवा एमपी ऑनलाइन के केंद्रों से अपनी इकाई का पंजीयन करा सकते हैं। होम स्टे के लिए सिल्वर श्रेणी में एक हजार, गोल्ड श्रेणी में दो हजार और डायमंड श्रेणी में तीन हजार, बेड एंड ब्रेक फास्ट में दो हजार, फॉर्म स्टे में पांच हजार और ग्राम स्टे में एक हजार रुपए मेें पंजीयन कराया जा सकता है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

UP Election 2022 : भाजपा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, गोरखपुर से योगी व सिराथू से मौर्या लड़ेंगे चुनावPunjab Assembly Election: कांग्रेस ने जारी की 86 उम्मीदवारों की पहली सूची, चमकोर से चन्नी, अमृतसर पूर्व से सिद्धू मैदान मेंCorona Cases In India: देश में 24 घंटे में कोरोना के 2.68 लाख से ज्यादा केस आए सामने, जानिए क्या है मौत का आंकड़ाअब हर साल 16 जनवरी को मनाया जाएगा National Start-up Dayसीमित दायरे से निकल बड़ा अंतरिक्ष उद्यम बनने की होगी कोशिश: सोमनाथछत्तीसगढ़ के 20 हजार किसानों के करोड़ों रुपए लौटाए केंद्र सरकार ने, हुआ था कुछ ऐसा लगेथे ये गंभीर आरोप....मोदी सरकार का फैसला अब सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू होगा गणतंत्र दिवस का जश्नMarital Rape: क्यों पति की जबरदस्ती को रेप के कानून में लाना आवश्यक है? दिल्ली हाई कोर्ट में छिड़ी बहस
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.