प्रधानमंत्री आवास के लिए भटक रहा दिव्यांग

हर व्यक्ति के घर का सपना साकार करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत ५०० करोड़ से अधिक की लागत से शहर में लगभग ५ हजार आवास तैयार कराए जा रहा हैं। इसमें १ बीएचके से लेकर ३ बीएचके के आवास शामिल हैं। आवासों के आवंटन में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। एक दिव्यांग आवास के लिए निगम अधिकारियों से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक ४ महीने से चक्कर काट रहा है लेकिन अभी तक उसे आवास का आवंटन नहीं हो सका है। यही नहीं उसने २० हजार रुपए भी जमा कर दिए थे। अधिकारियों की लापरवाही देखिए कि शहर में आयोजित राष्ट्रपति के कार्यक्रम में उसे आवास के लिए अधिकार पत्र दिया गया था। बावजूद इसके अभी तक आवास नहीं मिल सका है।

By: Vikash Tripathi

Published: 10 Jan 2019, 08:03 PM IST

शिविर लगाकर दिया था अधिकार पत्र
शहर में राष्ट्रपति कार्यक्रम से करीब एक महीने पहले बाल भवन में शिविर लगाकर नगर निगम ने दिव्यांगों को अवासों के लिए फॉर्म भरवाए गए। जब राष्ट्रपति आए तो सभी को अधिकार पत्र बांटे गए। इन सभी से २० हजार रुपए भी जमा करा लिए। रमेश सेन जो कि ८० प्रतिशत दिव्यांग हैं उन्होंने भी २० हजार रुपए जमा कराए थे। इसके बाद जब रमेश सेन आवास के आवंटन कराने के लिए निगम दफ्तर पहुंचे तो हर अधिकारियों द्वारा हर बार बाद में आने की बात कहकर टाल दिया जाता है। रमेश की मानें तो चार महीने से अधिक समय बीत गया लेकिन अभी तक आवंटन नहीं हो पाया है। दिव्यांग होने के कारण निगम कार्यालय में सीढिय़ां चढऩे में भी बहुत परेशानी होती है। इसके बावजूद रमेश सेन चक्कर काटने को मजबूर हैं।
५० हजार रुपए कराओ जमा
रमेश सेन की जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कलेक्टर सुनवाई में आवेदन दिया। इसके बाद अभी उनके पास एक पत्र कलेक्टर कार्यालय की ओर से आया है जिसमें उन्हें ५० हजार रुपए ७ दिन के अंदर जमा कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद ही आवास आवंटन होगा। दरअसल आवास योजना के तहत कमजोर निर्धन वर्ग के लिए २ लाख रुपए के आवास तैयार किए जा रहे हैं। इनके रजिस्ट्रेशन के लिए २० हजार रुपए की राशि जमा कराना होती है। लेकिन सामान्य वर्ग के लिए यही आवास ७ लाख रुपए में है। ऐसे में उन्हें ७० हजार रुपए जमा करना होंगे। रमेश सेन के अनुसार अगर उन्हें ७ लाख में ही आवास देना था तो पहले २० हजार रुपए क्यों जमा कराए। ये तो उनके साथ धोखा हुआ है। अधिकारी ५० हजार रुपए देने के बाद ही आवास का रजिस्टे्रशन करने की बात कह रहे हैं। ये सिर्फ रमेश के साथ नहीं है दरअसल कई लोगों से निगम अधिकारियों ने पहले तो २० हजार रुपए रजिस्ट्रेशन के लिए जमा करा लिए अब इनसे ५० हजार रुपए और जमा करने की बात कही जा रही है। ऐसे में लोगों का कहना है कि हमारी तो हैसियत ही नहीं है अगर पहले ही बता देते कि सात लाख में आवास मिलेगा तो हम क्यों आवेदन करते और इतना परेशानी क्यों उठाते।
यहां बन रहे हैं आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सागर ताल स्थित मानपुर और महलगांव में आवासों का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य २०१७ में शुरू किया गया था आवास बनकर तैयार हैं अब इनकी फिनिशिंग होना बाकी है। सागरताल स्थित मानपुर पर कमजोर वर्ग के लिए फस्र्ट फेज में २५०० आवास तैयार कराए जा रहे हैं। जबकि यहीं पर सेकंड फेज में १२०० आवास बनाए जाना है। महलगांव में २ बीएचके और ३ बीएचके के १ हजार आवास तैयार किए जा रहे हैं। इनका निर्माण कार्य सितंबर २०१७ में शुरू किया गया था।
२ लाख से है शुरूआत
ईडब्ल्यूएस आवासों की कीमत २ से ७ लाख है। दरअसल जो लोग स्लम बस्ती में रहते हैं उनके लिए कीमत २ लाख है और बिना स्लम बस्ती वालों के लिए इसकी कीमत ७ लाख रुपए है। वहीं महलगांव में निर्मित २ बीएचके आवास की कीमत १६ और ३ बीएचके की कीमत १९ लाख रुपए है। इसमें प्रधानमंत्री योजना के तहत ब्याज में २.६० लाख रुपए की छूट मिलेगी।

Vikash Tripathi
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