पटरी पर लौटी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, वार्ड में पहुंचे जूनियर डॉक्टर्स

आठ दिन बाद काम पर लौटे जूडा, मरीजों ने ली राहत की सांस

By: Hitendra Sharma

Published: 08 Jun 2021, 02:37 PM IST

ग्वालियर. जूडा की हड़ताल खत्म होने से अब एक बार फिर से व्यवस्थाएं पटरी पर लौट आई हैं। हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों के साथ सीनियर डॉक्टरों को आ रही थी। मरीजों को जहां पूरी तरह से इलाज नहीं मिल रहा था, वहीं डॉक्टरों को भी दिन और रात को वार्ड में रहकर ड्यूटी करना पड़ रही थी। लेकिन अब सब व्यवस्थाएं पुराने तरीके से शुरू हो गई है। इसका असर सोमवार की देर शाम से ही दिखने लगा है और मंगलवार को अस्पताल में सामान्य दिनों की तरह व्यवस्थाएं शुरू हो गई हैं। जूनियर डॉक्टरों ने पूरी तरह से अपनी व्यवस्था संभाल ली। इसमें सबसे ज्यादा कार्डियोलॉजी के साथ केआरएएच और ट्रॉमा सेंटर, ओपीडी आदि में समस्याएं देखने में आ रही थी।

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सीनियर डॉक्टरों ने ली राहत की सांस
पिछले आठ दिनों से जूडा की हड़ताल के चलते सीनियर डॉक्टरों को ड्यूटी अधिक करना पड़ रही थी। जहां तक की डॉक्टरों को मरीजों की फाइल के साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी करना पड़ रहे थे, लेकिन सोमवार को सुबह से ही जूडा की हड़ताल खत्म होने की खबर से मरीजों के साथ सीनियर डॉक्टरों को भी काफी राहत मिली है।

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स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर लोटे
जूडा की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग से 14 डॉक्टर जेएएच में ड्यूटी पर लगाए गए थे। यह सभी डॉक्टर सोमवार को तो अपने काम पर रहे, लेकिन अब जूडा के आते ही मंगलवार से सभी वापस अपने मूल स्थान पर पहुंच जाएंगे।

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ओपीडी में सुबह से रही भीड़
सोमवार को इमरजेंसी की ओपीडी में मरीजों की भीड़ पहुंच गई, लेकिन डॉक्टर न होने से परेशानी का सामना मरीजों को करना पड़ा। इसके चलते ओपीडी के साथ कई अन्य विभागों में मरीजों की भीड़ रही। cमंगलावर को सुबह से ही मरीजों को असपताल की व्यवस्थाएं पहले की तरह सुचारू रूप से चलती मिली।

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