एमपी में यहां झूमकर बरसे बादल,अब बने बाढ़ जैसे हालात,खबर पढ़ आप भी रह जाएंगे हैरान

एमपी में यहां झूमकर बरसे बादल,अब बने बाढ़ जैसे हालात,खबर पढ़ आप भी रह जाएंगे हैरान

monu sahu | Publish: Jul, 13 2018 06:04:23 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

एमपी में यहां झूमकर बरसे बादल,अब बने बाढ़ जैसे हालात,खबर पढ़ आप भी रह जाएंगे हैरान

ग्वालियर। मौसम के मिजाज गुरुवार की सुबह से ही नरम थे और हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन दोपहर होते ही उमस भरी गर्मी ने एक बार फिर लोगों को परेशान कर दिया। आसमान पर छाए बादलों ने पूरे दिन इंतजार कराने के बाद शाम को बरसना शुरू किया। बुधवार को झमाझम बारिश के बाद भी जिले में हुई औसत बारिश का आंकड़ा 24.9 मिमी रहा, जबकि अभी तक जिले में कुल 132.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि इतनी बारिश होने के बाद भी मड़ीखेड़ा डैम के लेबल में कोई बदलाव नहीं आया, बल्कि बीच-बीच में बे्रक हुई सिंध नदी अब रेग्यूलर चलने लगी है।

 

गुरुवार की सुबह से आसमान पर बादल छाए हुए थे, जबकि रात में जिन क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति थी, वो सुबह तक खत्म हो गई। क्योंकि अभी तक हुई बारिश से धरती की प्यास ही बुझ सकी है और अब होने वाली बारिश से वाटर लेबल बढ़ सकेगा। शिवपुरी एवं कोलारस में हुई झमाझम बारिश का असर सिर्फ इतना ही हुआ कि सिंध नदी के बीच में जो सूखे गेप हो गए थे, वो अब पानी से एक साथ जुड़ गए। अब नदी एक लाइन में बहने लगी है।

 

चूंकि प्रदेश भर में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है, इसलिए सिंध के मालवा क्षेत्र के केचमेंट एरिया के अलावा शिवपुरी जिले में जो बारिश होगी, उससे मड़ीखेड़ा डैम का लेबल तेजी से बढऩे की उम्मीद है।

 

चांदपाठा से पानी सप्लाई में बारिश का इंतजार
झमाझम बारिश के बाद भी चांदपाठा में इतना पानी नहीं आ सका कि पुराने फिल्टर प्लांट तक सप्लाई करने वाले पंपों को पानी मिल सके। जैसी बारिश बुधवार को हुई, यदि ऐसी ही मूसलाधार बारिश एक बार और हो जाए तो फिर पुराने फिल्टर प्लांट तक चांदपाठा का पानी पहुंच जाएगा और शहर की 40 फीसदी आबादी विशेषकर पुरानी शिवपुरी एरिया में पानी का संकट दूर हो सकेगा। वहीं शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गई। इस दौरान शुक्रवार को स्कूल में पढऩे वाले बच्चों की छुटटी करनी पड़ी।

 

रुक-रुक कर हो रही बारिश
गुरुवार को शाम लगभग 6 बजे बारिश शुरू हुई, लेकिन उसकी रफ्तार कम होने के साथ ही वो रुक-रुक कर होती रही। जिससे उमस व गर्मी से कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी। आसमान पर छाए बादलों को देख यह उम्मीद बनी हुई है कि शायद रात में तेज बारिश हो जाए।

heavy alert for rain

स्कूल में तीन तीन फीट पानी
मानसून पूर्व तैयारियों के नाम पर नपा और बिजली विभाग ने खूब कागजी घोड़े दौड़ाए,धरातल पर कितना काम हुआ इसकी पोल गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात को हुई बारिश ने खोल कर रख दी। शहर में हालात यह थे कि बारिश का पानी नालियों और नालों की जगह सड़कों से बहता नजर आया और वाटर बॉडीज में स्टोर होने की बजाय बहते हुए सीधे शहर से बाहर चला गया।हालात-यहां ड्रेनेज सिस्टम के नाम पर बड़ी बड़ी नालियां बनाई गई हैं, परंतु नालियों की सफाई सिर्फ कागजों में होने के कारण पानी नालियों से बाहर सड़क पर बह रहा था।

 

सड़क तो किसी नदीकी तरह नजर आ ही रही थी, इसके अलावा पानी आदर्श नगर स्कूल के मैदान में भर गया जिससे स्कूल में तीन तीन फीट पानी भर गया और स्कूल के कमरों में जा घुसा। इस कारण स्कूल की अघोषित छुट्टी हो गई। गल्र्स कॉलेज के पास पानी निकलने की कोई व्यवस्था न होने के कारण पानी नालियों से निकल कर सड़क पर इतना पानी भर गया कि पूरी सड़क किसी नदी की तरह नजर आने लगी। यहां से लोगों को पानी के बीचों बीच से गुजर कर जाने को मजबूर होना पड़ा तो कई लोगों ने तो अपना रास्ता ही बदल दिया।

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