आसन नदी पर बना पुल ध्वस्त, शासन को नोटिस

पुल टूटने से १२ गांव के लोग परेशान, १० साल पहले ही बना था पुल

ग्वालियर। मुरैना जिले में आसन नदी पर बने पुल के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के कारण १० साल में पुल के ध्वस्त होने पर प्रस्तुत जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने शासन को नोटिस जारी किए हैं।

न्यायमूर्ति शील नागु एवं न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगलपीठ ने प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, प्रमुख सचिव नगर एवं ग्राम विकास विभाग तथा चीफ इंजीनियर यमुना बेसिन ग्वालियर संभाग को चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। पारीछा निवासी कल्याण सिंह तोमर द्वारा एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर के माध्यम से प्रस्तुत जनहित याचिका में कहा है कि दतहरा गांव से छह किलोमीटर पहले ही आसन नदी पर बना यह पुल सांसद अशोक अर्गल की सांसद निधि से बनाया गया है। इस पुल के निर्माण से १०-१२ गांव के २०-२५ हजार लोग मुरैना आसानी से आ जा सकते थे। पुल के घटिया निर्माण के कारण ही यह पुलिस निर्माण के कुछ समय बाद ही जर्जर होने लगा वर्तमान में इस पुल के ध्वस्त होने से यहां से चार पहिया वाहनों का निकलना बंद हो गया है। पुल के ध्वस्त होने से इन गांव के लोगों को मुरैना जाने के लिए २०-२५ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ लोग यहां से जर्जर हिस्से से निकलकर अपने जीवन को खतरे में डालकर निकलते हैं। बरसात में यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है इसलिए इस पुल का निर्माण कराया गया था लेकिन अब फिर हालात खराब हो गए हैं।

Rajendra Talegaonkar Desk/Reporting
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned