अभी भी कई फाइलें गायब, आयुक्त के निर्देश पर सात फाइलें बताई

इनकी गिनती के लिए दस बाबूओं को भी संपदा शाखा में पदस्थ किया गया था। लेकिन लगभग ढाई महीने होने को है और अभी तक फाइलों की गिनती तक पूरी नहीं हो पाई है।

एक महीने पहले हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने दिए थे एफआईआर के निर्देश
ग्वालियर. हाउसिंग बोर्ड में हुए करोड़ों के घोटाले के बाद अभी तक सभी फाइलों की गिनती तक नहीं हो पाई है। हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने २७ अगस्त को बोर्ड के उपायुक्त एनके देशपांडे और संपदा अधिकारी अजीत तिवारी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद ३० अगस्त को एक आदेश निकाला गया । जिसमें तीन दिनों के अंदर सभी फाईलों को सूचीबद्व किया जाना था। लेकिन आज तक यह नहीं पता हो सकता थ्क इसमें कितनी फाइलें है। इनकी गिनती के लिए दस बाबूओं को भी संपदा शाखा में पदस्थ किया गया था। लेकिन लगभग ढाई महीने होने को है और अभी तक फाइलों की गिनती तक पूरी नहीं हो पाई है। इस बीच निलंबित अधिकारियों ने अपनी पहुंच का फायदा उठाते हुए अपने चेहतों को यहां पर पदस्थ करा ही दिया। इससे निलंबित अधिकारियों को कार्यालय में हो रही सभी कार्रवाई के बारे में पता चलता रहे।
७ अक्टूबर तक होनी थी एफआईआर
हाउसिंग बोर्ड कीआयुक्त ने एक अक्टूबर को आदेश निकालकर सात दिन में संपदा अधिकारी पर एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन एक महीने तक वर्तमान उपायुक्त श्रीकृष्ण सुमन और संपदा अधिकारी प्रदीप हुडाऊ एफआईआर नहीं करा सके। इस बीच महाराजपुरा थाने कई बार दोनों ही अधिकारी पहुंचे। लेकिन एक महीने बाद आखिर इन दोनों ही अधिकारी पर एफआईआर करा दी गई ।
एफआईआर के बाद मची खलबली
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी को एफआईआर की सूचना रविवार की सुबह जैसे ही मिली। वैसे ही सुबह से खलबली मच गई। छुट्टी होने के बाद भी मोबाइल पर यह सभी इसी मामले को ेलकर बात करते रहे। कुछ अधिकारी कर्मचरियों ने बताया कि अभी तो सात ही फाइलें निकली है। जांच होने पर कई अन्य फाइलें यहां पर नहीं मिलेगी।
इनका कहना है
घोटाले के मामले में दोनों ही अधिकारियों पर एफआईआर हो गई है। अब पुलिस को ही कार्रवाई करना है। हमने फाइलों की मॉनीटरिंग तो कराई है।
श्रीकृष्ण सुमन, उपायुक्त हाउसिंग बोर्ड

Neeraj Chaturvedi
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