ये कैसे एटीएम, कहीं मशीन खुली पड़ी तो कहीं दरवाजे का पता नहीं, काफी समय से नहीं हो रहा है मेंटेनेंस

इन दिनों शहर के कई एटीएम का हाल काफी बुरा है। कोई एटीएम की मशीन ही खुली पड़ी है तो किसी एटीएम में दरवाजा ही नहीं है। जी हां, इस तरह की लापरवाही शहर के एटीएम में देखी जा सकती...

ग्वालियर. इन दिनों शहर के कई एटीएम का हाल काफी बुरा है। कोई एटीएम की मशीन ही खुली पड़ी है तो किसी एटीएम में दरवाजा ही नहीं है। जी हां, इस तरह की लापरवाही शहर के एटीएम में देखी जा सकती है। ऐसे में एटीएम की सुरक्षा पर तो सवाल खड़ा होता ही है, साथ ही गड़बडिय़ां करने वालों के हौंसले भी बुलंद हो जाते हैं। इन एटीएम को देखते हुए लगता है कि पिछले काफी समय से इनमें किसी तरह का कोई रख-रखाव (मेंटेनेंस) ही नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि शहर में निजी और सरकारी बैंकों के कुल 488 एटीएम काम कर रहे हैं।


आउटसोर्सिंग एजेंसी को करना होता है मेंटेनेंस
शहर में लगे एटीएम को संबंधित बैंक आउटसोर्सिंग के जरिए मेंटेनेंस करवाती हैं। इस मेंटेनेंस को समय-समय पर किया जाना जरूरी है। पर ये आउटसोर्सिंग एजेंसियां इस बात का ध्यान नहीं रखती हैं और ऐसे हालात बन जाते हैं। वहीं बैंक भी आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर ध्यान नहीं देती हैं।


गार्ड भी नहीं मौजूद
पहले सभी एटीएम पर गार्ड रखे जाते थे, पर अब इन्हें भी हटा दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से एटीएम पर रखे जाने वाले गार्ड से काफी हद तक एटीएम बचे रहते थे, जब से एटीएम से इन गार्ड को हटाया गया है तभी से एटीएम तोडऩे आदि जैसी घटनाएं बढ़ गयी हैं।


एटीएम का ध्यान रखना चाहिए
सभी एटीएम पर मेंटनेंस करना तो बहुत जरूरी है। इसके लिए संबंधित बैंक आउटसोर्सिंग एजेंसी को मेंटेनेंस के लिए रखती हैं। इसे बैंकों को भी समय-समय पर देखना होता है। यदि ऐसा नहीं किया जा रहा है तो गलत है। आउटसोर्सिंग एजेंसियों को एटीएम का ध्यान रखना चाहिए।
सुशील कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक ग्वालियर

रिज़वान खान Desk
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