थाने से एक किमी दूर भोजनालय में चल रहा था फर्जी नाका,इस दबंग आईएएस के पहुंचते ही भगदड़

थाने से एक किमी दूर भोजनालय में चल रहा था फर्जी नाका,इस दबंग आईएएस के पहुंचते ही भगदड़

monu sahu | Publish: Mar, 17 2019 04:02:09 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

थाने से एक किमी दूर भोजनालय में चल रहा था फर्जी नाका,इस दबंग आईएएस के पहुंचते ही भगदड़

ग्वालियर। खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में भरी गिट्टी आदि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे वैध करने वाले गिरोह शुक्रवार-शनिवार की रात हुई कार्रवाई के दौरान पकड़ में आया है। बिलौआ तिराहे पर थाने से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर स्थित भोजनालय में चल रहे इस गोरखधंधे की खबर स्थानीय पुलिस को तब लगी, जबकि एसडीएम जयति सिंह दल बल के साथ पहुंच गईं। रात 12 बज के आसपास शुरू हुई कार्रवाई सुबह 5 बजे तक जारी रही, इसके बाद एफआईआर हो सकी। पुलिस ने माइनिंग इंस्पेक्टर दीपक सक्सेना की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण कायम कर आठ लोगों को जेल भेजने की कार्रवाई की है।

 

इसके साथ ही लैपटॉप, स्कैनर, रसीद कट्टे आदि जब्त किए गए हैं। दरअसल, बीते एक महीने से माइनिंग और प्रशासन को बिलौआ में अवैध तरीके से रसीदें काटे जाने की सूचना मिल रही थी। इस सूचना के आधार पर पहले विभाग ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई। इसके बाद बीते 15 दिन से लगातार नजर रखी गई। शुक्रवार-शनिवार की रात डबरा एसडीएम और एसडीओपी देवेन्द्र सिंह कुशवाह, माइनिंग ऑफिसर गोविंद शर्मा, श्रम विभाग के निरीक्षक प्रवेश गुप्ता, एसजेपीयू के प्रभारी आनंद शर्मा के अलावा प्रतापसिंह परिहार, अहिवरण सिंह की टीम ने अचानक से पहुंचकर गंगा भोजनालय पर कार्रवाई शुरू की।

 

इस दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय थाना पुलिस को भी बुला लिया गया था। कार्रवाई में एक बच्चा भी मिला, लगभग 12 साल के इस बच्चे से भोजनालय संचालक द्वारा मजदूरी कराई जा रही थी। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलंडर मिले, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक तौर पर किया जा रहा था।

 

निश्चित रकम लेकर थमाते थे पर्ची
भोजनालय संचालक मुकेश शर्मा ने अंदरूनी हिस्से में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए युवकों को रखा हुआ था। मुकेश की अगुवाई में यह युवक दतिया, मुरैना सहित अन्य जिलों में गिट्टी सप्लाई के लिए दस्तावेज तैयार करके देते थे।

 

इस अवैध नाके को टोल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां जीएसटी, नाका पर्ची, रॉयल्टी सहित अन्य दस्तावेजों की हूबहू नकल तैयार करके दी जाती थी। हालांकि, एसडीएम सहित पुलिस के अधिकारी नगदी सहित अन्य खुलासा करने से बचते रहे और सिर्फ यह बताया है कि कार्रवाई के दौरान आठ मोबाइल, प्रिंटर, लैपटॉप, स्कैनर सहित जीएसटी रसीद कट्टे, नाका की फर्जी पर्ची और फर्जी रॉयल्टी के कई रसीद कट्टे मिले हैं।

 

बेखबर थी बिलौआ पुलिस
अवैध तरीके से संचालित हो रहा नाके पर जिले के अधिकारियों की नजर थी, स्थानीय एसडीएम और एसडीओपी तक यह बात पहुंच गई। लेकिन सिर्फ एक से डेढ़ किलोमीटर दूर मौजूद बिलौआ थाने की पुलिस इस अड्डे की सूचना पाने में विफल रही है। हालांकि, विभागीय अधिकारी अभी इसके पीछे की पूरी कहानी को सामने नहीं ला रहे हैं, लेकिन यह चर्चा जोरों पर है कि पुलिस की मिलीभगत से ही इस गोरखधंधे का संचालन हो रहा था।

 

कार्रवाई में गंगा भोजनालय के संचालक बिलौआ निवासी मुकेश शर्मा पुत्र सुदामा,निक्की तिवारी पुत्र मुकेश तिवारी, रवि चौरसिया पुत्र महेश चौरसिया, रिंकू शर्मा पुत्र मदन शर्मा, रिंकू यादव पुत्र भगवती यादव,जीतू यादव पुत्र बसंता यादव, जीतू बघेल पुत्र रमेश बघेल, शुक्लहारी निवासी चरण सिंह कुशवाह पुत्र मुन्नालाल को रात में ही पकडकऱ पूछताछ शुरू कर दी गई थी, शनिवार को इन सभी को जेल भेज दिया गया।

 

यहां नहीं निगाह
पत्थर के अलावा नदियों से निकल रहे अवैध रेत को क्षेत्र से बाहर निकालने की गारंटी और सुरक्षा देने के एवज में 5 से 10 हजार रुपए तक वसूली करने वाले दबंगों ने अलग-अलग क्षेत्रों में नाके लगा रखे हैं। लुहारी, सहराई, सांखनी तिराहा आदि जगहों पर लगे इन नाकों के जरिए हर दिन लाखों रुपए का रेत ग्वालियर की सीमा में भेजा जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि राजनीतिक संरक्षण में चल रहे इन अवैध नाकों पर अभी तक संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, एसडीओपी,तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों की नजर नहीं गई है।

 

dabra sdm jayati singh

अलग-अलग बने हैं प्रकरण

  • श्रम विभाग ने बाल मजदूरी के मामले में प्रकरण बनाया गया है।
  • घरेलू गैस सिलंडर के व्यावसायिक उपयोग के मामले में फूड विभाग ने प्रकरण बनाया है।
  • खनिज को क्लियरेंस देनेे के लिए अवैध दस्तावेज करने के मामले में प्रकरण बना है।
  • वाणिज्यकर विभाग ने कर चोरी का प्रकरण बनाया है।
  • महिला बाल विकास विभाग अलग से कार्रवाई करेगा।

 

"बिलौआ में खनिज परिवहन के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले कुछ लोगों का पता चला था, एसडीएम के निर्देशन में कार्रवाई हुई और भोजनालय से दस्तावेज और कंप्यूटर आदि जब्त किए गए हैं। हमने थाने में प्रकरण दर्ज करा दिया है।"
गोविंद शर्मा,माइनिंग ऑफिसर-ग्वालियर

 

"कार्रवाई करते हुए अवैध नाका को खत्म किया गया गंगा भोजनानल में ऑफीस बनाकर अवैध नाके का संचालन किया जा रहा था। करीब 15 दिन पहले ही सेटअप शुरू किया था। अभी होटल मालिक इस संचालन में लिप्त होना सामने आया है। सभी पकड़े आरोपियों को जेल भेज दिया है और जांच की जा रही है।"
अभय सिंह परमार-थाना प्रभारी-बिलौआ

 

"सूचना मिलने पर देर रात पुलिस बल एवं अन्य विभागों के साथ गंगा भोजनालय पहुंचे जहां अवैध रूप से नाका चलता मिला। जहां फर्जी रॉयल्टी समेत जीएसटी की फर्जी रसीदे मिली जब्त किया गया है। एक नाबालिग मिला इस संबंध में लेबर विभाग कार्रवाई करेगा। कब से यह अवैध नाका संचालित है इस संबंध में जांच की जा रही है।"
जयति सिंह एसडीएम डबरा

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned