मालिक ने एक माह से वेतन नहीं दिया तो लूट लिए भैंसों के पैसे

शुक्रवार रात को लालटिपारा के पास तमंचा अड़ाकर 50 हजार रुपए की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। लूट का मास्टरमाइंड ड्राइवर ही निकला। उसने ममेरे भाई को बुलाकर लूट को अंजाम दिया था। लूट का राजफाश होने पर ड्राइवर से पूछा तो बोला गाड़ी मालिक ने डेढ़ महीने से वेतन नहीं दिया था।

ग्वालियर. शुक्रवार रात को लालटिपारा के पास तमंचा अड़ाकर 50 हजार रुपए की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। लूट का मास्टरमाइंड ड्राइवर ही निकला। उसने ममेरे भाई को बुलाकर लूट को अंजाम दिया था। लूट का राजफाश होने पर ड्राइवर से पूछा तो बोला गाड़ी मालिक ने डेढ़ महीने से वेतन नहीं दिया था। तंग आकर उसने यह कहानी रची। फिलहाल ड्राइवर और उसका ममेरा भाई पुलिस के हाथ आ चुके हैं। उनसे रकम भी बरामद हो गई।
मुरार टीआइ अमित भदौरिया ने बताया लाल टिपारा पर शुक्रवार रात लूट के मास्टरमाइंड लोडिंग चालक दिलीप पाल और उसके ममेरे भाई रवि पाल को गिरफ्तार कर लिया है। दिलीप ने बताया वह मोतीझील निवासी साहिल खान की लोडिंग वाहन चलाता है। डेढ़ महीने से साहिल ने वेतन नहीं दिया था। कई बार पैसे मांगे, लेकिन टालते रहे। वह तंग आ चुका था। शुक्रवार को उसे 75 हजार रुपए देकर मोहनपुर से दो भैंस लाने के लिए भेजा था। उसके साथ अपने छोटे भाई इम्तियाज को भी भेजा। पैसे देखकर उसके मन में लालच आ गया। उसने रवि के साथ योजना बनाई। उसे पूरा प्लान समझा दिया। इसके बाद दिलीप और इम्तियाज वाहन लेकर निकले। रास्ते में लालटिपारा के पास रवि ने उन्हें रोक लिया। उसने इम्तियाज का गला दबाया और कनपटी पर तमंचा अड़ाकर रैक में रखे 50 हजार रुपए लूटकर भाग गया।

ऐसे हुआ खुलासा
लूट की खबर मिलते ही मुरार पुलिस मौके पर पहुंची। ड्राइवर दिलीप और इम्तियाज से बात की तो दोनों की बात में फर्क दिखा। पुलिस को शंका हुई। इम्तियाज ने बताया कि दिलीप ने उससे कहा था कि पुलिस और घरवालों से कहना कि बदमाश दो थे। पुलिस का शक यकीन में बदल गया, जब दिलीप से कड़ाई से पूछा तो सारा सच बता दिया। उसने बताया कि ममेरे भाई रवि के पास रकम रखी है। पुलिस मोतीझील से रवि को भी दबोच लाई। उससे रकम भी मिल गई।

रिज़वान खान Desk
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