नियम की अनदेखी कर भवनों के निर्माण की दे दी अनुमति अब कार्रवाई की लटक रही तलवार

नियमों की अनदेखी कर भवन निर्माण की स्वीकृति देने के मामले में नगर निगम के सहायक सिटी प्लानर पर दो महीने बाद भी निगम अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। जबकि मामले में नोटिस जारी किया गया था लेकिन सांठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्वालियर. नियमों की अनदेखी कर भवन निर्माण की स्वीकृति देने के मामले में नगर निगम के सहायक सिटी प्लानर पर दो महीने बाद भी निगम अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। जबकि मामले में नोटिस जारी किया गया था लेकिन सांठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
एंटी माफिया अभियान के तहत जब कार्रवाई शुरू हुई तो उसमें निगम के अधिकारियों की भी मिलीभगत दिखाई देने लगी। ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें तत्कालीन भवन अधिकारी और वर्तमान सहायक नगर निवेशक महेन्द्र अग्रवाल ने नदी के किनारे निर्माण की अनुमति दे दी। जब प्रशासनिक टीम ने इसका निरीक्षण किया तो पता चला कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने जो अनुमति दी थी उसके अनुसार नगर निगम ने अनुमति जारी नहीं की। बल्कि नदी किनारे ही बाउंड्रीवॉल का निर्माण करने की अनुमति देते हुए कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी। जबकि मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के तहत जलस्त्रोत से 15 मी दूरी छोड़कर ही भवन निर्माण अनुज्ञा नगर निगम द्वारा देना है। इसको लेकर 23 दिसंबर को निगमायुक्त ने नोटिस भी जारी किया लेकिन इसके बाद इस पूर मामले को ही अब निगम अधिकारी दबाने का प्रयास कर रहे हैं। यही कारण है कि लगभग 2 महीने बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

इनका कहना
जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
एमबी ओझा, प्रशासक नगर निगम

रिज़वान खान Desk
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