शौक और सेहत का असर : तीन माह में 20 फीसदी तक बढ़ गई चाय की बिक्री

कोरोना से लडऩे व इम्यूनिटी बढ़ाने कर रहे चाय का प्रयोग

 

By: prashant sharma

Published: 30 Jun 2020, 06:39 PM IST

ग्वालियर आमतौर पर चाय विंटर सीजन में ही अधिक पी जाती है, लेकिन इस बार समर सीजन में भी चाय के शौकीनों की तादाद बढ़ी है। इसका कारण रहा है कोरोना संक्रमण काल। कोरोना के चलते इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने के लिए लोगों ने चाय पीना शुरू कर दिया था, इस पूरे पीरियड में वे लोग भी चाय पीने लग गए, जिन्होंने कभी चाय को चखा भी नहीं था। चाय कारोबारियों की मानें तो तीन महीने में चाय की बिक्री में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। शहर में हर महीने करीब 10 टन चाय की सेल होती है। इसमें लूज और पैैक्ट चाय शामिल है।

इम्युनिटी बूस्टर इसलिए चाय के बढ़े शौकीन
एक स्टडी में यह बात साबित हुई है कि आसाम के चाय बागानों में उत्पन्न होने वाली काली चाय इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करती है। क्योंकि इस चाय में थिफ्लेविन्स नामक तत्व मौजूद होता है, जो इंफ्लुएंजा और श्वसनतंत्र संबंधी रोगों से बचने में हमारे शरीर की सहायता करता है। पिछले दिनों असम स्थित चाय अनुसंधान ने भी दावा किया है कि काली पत्तियों से तैयार लाल चाय (ब्लैटी) हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

कोरोना को रोकने के चलते बढ़ गई बिक्री
&ये बात सही है कि कोरोना में चाय की बिक्री एकदम से बढ़ी है। लोगों ने गले में कोरोना संक्रमण को आने से रोकने लिए चाय का उपयोग किया है। तीन महीने में चाय की सेल में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग में लूज और पैक्ड चाय की हर महीने करीब 30 टन की बिक्री होती है।
महेश गर्ग, चाय के थोक कारोबारी
ग्रीन टी एंटी ऑक्सीडेंट का काम करती है
&इसका कोई साइंटिफिक प्रूफ तो नहीं है, पर ग्रीन टी एंटी ऑक्सीडेंट का काम करती है। इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने के लिए विटामिन सी और विटामिन डी और जिंक ज्यादा अफेक्टिव हैं। इसके लिए नीबू पानी, संतरे का जूस आदि का प्रयोग बताया जाता है।
डॉ.संजय धवले, प्रोफेसर मेडिसन, जीआरएमसी

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