कोरोना संक्रमण के साथ महंगाई तोड़ रही कमर, किराना 30 फीसदी तक हुआ महंगा

- घर चलाना हुआ मुश्किल, डीजल 30 फीसदी तो माल ढुलाई 20 फीसदी बढ़ी

By: Narendra Kuiya

Published: 20 May 2021, 09:15 AM IST

ग्वालियर. कोरोना संक्रमण काल की दूसरी लहर एक ओर बीमारी के कारण सभी को परेशान किए हुए हैं वहीं दूसरी ओर खाद्यान्न पर बढ़ रही महंगाई ने भी सभी को हलाकान कर दिया है। साल भर में खाद्यान्न और तेलों पर महंगाई एक्सप्रेस जिस तेजी से बढ़ी है उससे आमजन के घर की रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है। इस महंगाई का सबसे बड़ा कारण डीजल के दामों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी का होना बताया जा रहा है। इससे माल ढुलाई 20 फीसदी तक बढ़ चुकी है और घर का किराना 30 फीसदी तक महंगा हो गया है। सबसे अधिक तेजी तेलों के दामों में 70 फीसदी तक देखी जा रही है, बताया जाता है कि आने वाले दिनों में तेलों के दामों में और भी अधिक तेजी देखने को मिल सकती है।

ऐसे बढ़े साल भर में दाम
खाद्यान्न मई 2020 मई 2021
सोयाबीन तेल 90-100 165-170
मूंगफली तेल 130-140 190-200
सरसों का तेल 110-120 165-170
गेहूं का आटा 26-27 28-30
दाल तुअर 80-90 110-120
दाल चना 60-65 80-85
मूंग दाल 80-90 115-125
शक्कर 35-36 39-40
बेसन 60-70 85-90
चाय पत्ती 280-300 320-350
(नोट - सभी खाद्यान्न के दाम प्रति किलो में और तेलों के दाम प्रति लीटर में व्यापारियों से मिली जानकारी के मुताबिक)

डीजल साल भर में 23.70 रुपए प्रति लीटर महंगा
पेट्रोल-डीजल के दामों में साल भर में खासी बढ़ोतरी हुई है। डीजल के दामों में बढ़ोतरी का असर मालभाड़े पर पड़ रहा है। पिछले साल मई में
एक लीटर डीजल 68.15 रुपए का था, जो अब 91.85 रुपए लीटर हो गया। यानी साल भर में डीजल पर 23.70 रुपए लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।

घरेलू 288 तो कमर्शियल गैस 632.50 रुपए महंगी
कोरोना काल में एलपीजी के दाम भी बढ़ते रहे हैं। मई 2020 में घरेलू गैस सिलेंडर 605 रुपए का था, जो अब बढक़र 893 रुपए पर जा पहुंचा है। इस पर सब्सिडी भी ना के बराबर ही मिल रही है। कमर्शियल सिलेंडर जो मई 2020 में 1199.50 रुपए का था, अब 1832 रुपए का बिक रहा है। इस तरह से एक साल में घरेलू गैस पर 288 रुपए और कमर्शियल गैस सिलेंडर पर 632.50 रुपए तक बढ़ चुके हैं।

1000 रुपए का अतिरिक्त बोझ
सामान्य तौर पर एक नौकरीपेशा का वेतन का 50 फीसदी खर्च रोजमर्रा की जरूरतों पर होता है। इसमें किराना-तेल-साबुन, आटा, पेट्रोल-डीजल, फल-सब्जी, मोबाइल, बिजली का बिल व अन्य खर्च शामिल होते हैं। 15 से 30 हजार रुपए का वेतन पाने वालों की परेशानी अधिक बढ़ गई है क्योंकि इन सभी के बढ़े हुए दामों पर अतिरिक्त खर्च की जा रही राशि 1500 रुपए से बढक़र 2500 रुपए हो गई है।कोरोना काल के चलते वेतन में बढ़ोतरी होने के बजाय इतनी अतिरिक्त राशि की कटौती हो गई। यह हाल नौकरीपेशा का ही नहीं है, सामान्य व्यापारी वर्र्ग, दुकानदारों के भी यही हाल हैं।

कोरोना कफ्र्यू से बिगड़े आमजन के हालात
पिछले साल लगातार कई माह तक रहे कफ्र्यू के चलते लोगों के पास जुड़ी हुई रकम खर्च हो गई थी। लोग अभी संभल भी नहीं पाए थे कि पिछले एक माह से ज्यादा समय से जारी कोरोना कफ्र्यू में छोटा-मोटा व्यवसाय करने वालों की कमाई जीरो हो गई है। ऐसे में बिजली, पानी, किराना व अन्य जरूरी खर्चे लोगों को वहन करने पड़ रहे हैं। ऐसे में उनके हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

डीजल ने बढ़ाए दाम
पिछले 20 वर्षों में खाद्य तेलों के दामों इस तरह की तेजी देखने को नहीं मिली है। इसके साथ ही दूसरे खाद्यान्न भी साल में भर में काफी बढ़ चुके हैं। इसका सबसे बड़ा कारण डीजल के दामों का बढऩा है। इससे एक क्विंटल पर 10 रुपए तक भाड़ा बढ़ चुका है।
- गोकुल बंसल, अध्यक्ष, दाल बाजार व्यापार समिति

साल में भर बढ़ गए दाम
ये बात सही है कि किराने के दामों में पिछले एक साल में काफी बढ़ोतरी हुई है। खासकर तेल के दाम तो आसमान छू रहे हैं। इससे बिक्री पर भी असर देखने को मिल रहा है। कोरोना कफ्र्यू के चलते दुकानें तो पहले से ही बंद हैं, सिर्फ होम डिलीवरी से काम चलाया जा रहा है।
- दिलीप खंडेलवाल, अध्यक्ष, खेरिज किराना व्यवसायी संघ

Narendra Kuiya Reporting
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