कॉलेज इंजीनियर्स के प्रोजेक्ट्स में इनोवेशन

कॉलेज इंजीनियर्स के प्रोजेक्ट्स में इनोवेशन
कॉलेज इंजीनियर्स के प्रोजेक्ट्स में इनोवेशन

Harish kushwah | Updated: 15 Sep 2019, 08:04:20 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

विश्व पटल पर देश को पहचान दिलाने में इंजीनियर्स का महत्वूर्ण योगदान है। वे अपने इनोवेशन से देश को दुनिया में पहचान दिला रहे हैं।

ग्वालियर. विश्व पटल पर देश को पहचान दिलाने में इंजीनियर्स का महत्वूर्ण योगदान है। वे अपने इनोवेशन से देश को दुनिया में पहचान दिला रहे हैं। इसमें हमारे जूनियर इंजीनयर्स भी पीछे नहीं हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई करते हुए भी अपने इनोवेशन से ऐसे प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं, जिनका उपयोग दैनिक जीवन में हो रहा है। आज इंजीनियर्स डे है। हम आपको कुछ ऐसे ही प्रोजेक्ट्स से परिचित करा रहे हैं।

इन मॉडल के बेस पर तैयार हो सकता है बड़ा सिस्टम

मल्टीपल कटिंग मशीन

मल्टीपल कटिंग मशीन की मदद से कई औद्योगिक कार्य किए जा सकते हैं। इससे लकड़ी काटना, ग्राइंडिंग करना, ड्रिलिंग करना,आदि शामिल हैं। इसे श्रृद्धा गुप्ता, पवन दीप सिंह सोही एवं ऋ षभ बाजपेयी ने तैयार किया है।

फ्यूचर सेफ व्हीकल

ऑटोमोबाइल के साथ मिलकर इंटेलीजेंट सिस्टम लगाए हैं, जिससे एक स्मार्ट इंटेलीजेंट व भविष्य के लिए वहीकल तैयार हुआ। इसमें कुछ लोड सेंसर भी लगाए गए, जिससे वह गाड़ी स्वत: ही सोचकर निर्णय ले सके।

ऑटोमेटिक हाइड्रोलिक मशीन

सुमित सिंह ने गाइडेड हाइड्रोलिक मशीन तैयार की है, जिसके अंदर आपके पास में अन्य पावर सोर्स न होने पर भी केवल हाइड्रोलिक द्वारा किसी भी सामान को ऊपर उठा सकते हैं।

चार पहिया ड्रॉइंग मशीन

अभी एलएमवी में डिफ रेंसियल का इस्तेमाल होता है। इसको हटाकर केवल रेक पिनियन की सस्ती पद्धति व कम लागत द्वारा केवल स्टेरिंग से ही चारों पहिए चलाने का मॉडल बनाया है इसे फ रहत जहान व आकांक्षा तोमर ने तैयार किया है।

सोलर पैनल केसिंग

एमआइटीएस के असीमोव रोबॉटिक्स सोसाइटी के छात्रों ने कुछ आधुनिक प्रोजेक्ट्स बनाए हैं। इनमें अलग-अलग फीचर्स के ड्रोन और रेडियो कंट्रोल्ड प्लेन आकर्षण का केंद्र हैं। ये मार्केट के महंगे ड्रोन्स की अपेक्षा सस्ते हैं। यह ड्रोन डॉ. करुणा मरकम, दुर्गेश मिश्रा, लोकेश चन्द्रन, विथलेश, तान्या, दीपिका, प्रियांशी, आयुषी, कार्तिक ने तैयार किए हैं।

ऑटोमेटिक कार लिफ्टिंग

यह एक छोटी बैटरी ऑपरेट मशीन है, जिससे नाले, नहर में हो रही गंदगी की सफ ाई की जा सकती है। यह स्वचालित मशीन गहराई के हिसाब से अपना आकार भी बड़ा व छोटा कर सकती है। इसे अमीधा गुप्ता, जयदीप सिंह, हर्षित तिलगम ने तैयार किया है।

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