टेक्नोलॉजी की मदद से कर रहे इनोवेशन

नेशनल टेक्नोलॉजी डे आज

By: Mahesh Gupta

Updated: 10 May 2020, 09:31 PM IST

ग्वालियर.

युवा देश की तस्वीर बदल सकते हैं। क्योंकि आज वे टेक्नोलॉजी में बहुत आगे हैं। इसी का उपयोग कर उन्होंने कई इनोवेशन किए हैं, जिसके दम पर उन्होंने देशभर में शहर को पहचान दिलाई है। वह किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल पर अधिक फोकस कर रहे हैं और देश-दुनिया में होने वाले कॉम्पीटिशन में भाग लेकर मेडल अपने नाम कर रहे हैं। आज नेशनल टेक्नोलॉजी डे है। हम आपको कुछ ऐसे ही युवाओं से परिचित करा रहे हैं।

टीम ने कम्पोनेंट मिलाकर बनाई डिवाइस
युवाओं की टीम ने एटीवी (ऑल टेरेन व्हीकल) तैयार कर पीथमपुर में 'बाहा एसएआइÓ इंडिया कॉम्पीटिशन में पार्टिसिपेट किया और अपनी टेक्नोलॉजी के दम पर अच्छा प्रदर्शन किया। वह पहली बार इंडुरेंस राउंड तक पहुंच सके। जहां उन्होंने चार घंटे एटीवी चलाई। इस एटीवी में उन्होंने जीपीएस ट्रेकर का यूज किया, जिसकी मदद से गाड़ी के खराब होने पर लोकेशन मोबाइल पर आने की सुविधा थी। खास बात यह है कि इस डिवाइस को कम्पोनेंट मिलाकर टीम ने ही तैयार किया है। एटीवी को 25 यंगस्टर की टीम ने लगभग एक माह में तैयार किया। इसमें टेक्नोलॉजी का भरपूर यूज किया गया।

 

सेटेलाइट बॉडी की दीवारों को मजबूत बनाएगा कम्पोसिटी मटेरियल

अभिषेक श्रीवास्तव और सान्या जैन ने अंतरिक्ष में भेजने के लिए कम्पोसिट मटेरियल तैयार किया है। यह सेटेलाइट बॉडी की दीवार में काम आ सकता है। इसमें किसी भी चीज के टकराने पर नुकसान न होने की क्षमता है। यह हर तरह के टेम्प्रेचर में काम करने की क्षमता रखता है। इसका वजन कम है। इसे इसरो की ओर से उदयपुर में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में रखा गया, जिसे दूर-दराज से आए साइंटिस्ट से इंट्रेस्ट दिखाया। इसकी टेस्टिंग अहमदाबाद में होगी। इसमें सहयोग हाइटेक टेक्निकल फाइबर पानीपत का एवं गाइडेंस डॉ. चन्द्रशेखर मालवी का है।

पानी के वेस्टेज और बिजली बचाएगा सोलर वाटर प्यूरीफायर
शुद्ध पानी प्राप्त करने के लिए यंगस्टर्स ने एक नए सौर ऊर्जा चलित यंत्र का उपाय निकाला। वर्तमान में आरओ वॉटर प्यूरिफि केशन शुद्ध जल प्राप्त करने का सबसे लोकप्रिय उपाय है, किन्तु इसके उपयोग के लिए किया गया बिजली और पानी का क्षय साथ ही एक बड़ी आबादी के पास इसका न पहुंच पाना चिंतनीय है। इसी चिंता के कारण एमआइटीएस के छात्र सौम्या शर्मा, शुभम गौड़, शिवम पांडे और मोहा श्रीवास्तव ने प्रोफेसर डॉ. सीएस माल्वी के मार्गदर्शन में गुरुत्वीय स्थितित ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ग्राफ ीन रसायन का उपयोग करते हुए सोलर वॉटर प्यूरिफ ायर तैयार किया है, जो बिना किसी बिजली एवं बाहरी सहायता के साफ पानी देता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभदायक है। थोड़े बदलाव से शहरी क्षेत्र में सूर्य के अभाव में कॉइल से भी काम हो सकता है। जमीन से कुछ ऊंचाई पर स्थित पानी पहले ग्राफ ीन में से साफ होकर गुरुत्व बल से सोलर पैनल में आएगा, जहां सौर ऊर्जा से गर्म होकर सूक्ष्म कीटाणु खत्म हो जाएंगे तथा शुद्ध पानी हीट एक्सचेंजर से ठंडा होकर पीने योग्य हो जाएगा।

Mahesh Gupta
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned