बेटे के इलाज के लिए गिड़गिड़ाती रही मां और डॉक्टर बोले, चुप रहो यहां ऐसे ही होता है इलाज, ये है मामला

बीमारी क्या होती है 11 वर्षीय निखिल को नहीं मालूम, लेकिन बीमारी को जानने वाले उसके इलाज को लेकर लापरवाही बरतेंगे

By: shyamendra parihar

Published: 11 Dec 2017, 10:09 AM IST

ग्वालियर। बीमारी क्या होती है 11 वर्षीय निखिल को नहीं मालूम, लेकिन बीमारी को जानने वाले उसके इलाज को लेकर लापरवाही बरतेंगे यह परिजन ने सोचा न था। इलाज के लिए परिजन निखिल को कमलाराजा अस्पताल के बाल रोग विभाग लेकर पहुंचे थे। लेकिन यहां उसके इलाज में लापरवाही बरती गई, तो परिजन उसे जेवर गिरवीं रख एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर पहुंच गए। निजी अस्पताल में हालत बिगडऩे पर उसे फिर केआरएच रैफर कर दिया गया।

 

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परिजन जब उसे यहां लेकर पहुंचे, तो जूनियर डॉक्टर परिजन पर बिफर गए। जैसे-तैसे बच्चे को पीआईसीयू में भर्ती कर लिया गया। लेकिन दुखियारी मां ने बच्चे के लिए इलाज मांगा, तो जूनियर डॉक्टरों ने चुप रहने की नसीहत देते हुए कहा कि इलाज एेसे ही होता है।


पीआईसीयू में जमीन पर चल रहा इलाज
निखिल का पीआईसीयू में नीचे जमीन पर इलाज चल रहा है। उसे सांस लेने में दिक्कत होने के साथ झटके आ रहे हैं। उसकी हालत गंभीर है। बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर उनके माता-पिता के साथ रूखा व्यवहार कर रहे हैं। परिजन बच्चे का इलाज करने के लिए जूनियर डॉक्टरों से गुहार लगाते हैं, तो वे परिजन से अभद्र व्यवहार करते हैं। बच्चे की मां ममता ने बताया कि इलाज को लेकर जब जूनियर डॉक्टरों से निखिल के पिता ने बोला, तो उन्होंने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

 

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इस तरह रहा घटनाक्रम
फूटी कॉलोनी हुरावली निवासी मेवाराम ने निखिल को तबीयत खराब होने पर ४ दिसम्बर को केआरएच में भर्ती कराया गया था। बच्चा यहां करीब तीन दिन भर्ती रहा। ठीक से इलाज न होने पर परिजन उसे ७ दिसम्बर को एक निजी अस्पताल लेकर चले गए। यहां तबीयत बिगडऩे पर वे उसे दोबारा केआरएच लेकर पहुंचे। जहां पीआईसीयू में निखिल को भर्ती कर लिया गया। लेकिन जूनियर डॉक्टर अब भी इलाज को लेकर आनाकानी कर रहे हैं।


व्यवस्था कराई जाएगी
"अगर इस तरह की कोई परेशानी है, तो जूनियर डॉक्टरों से बात कर बच्चे के इलाज की व्यवस्था कराई जाएगी।"
डॉ.अजय गौड़, विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग, केआरएच


"अगर इस तरह की कोई बात है, तो विभागाध्यक्ष से जानकारी लेकर बच्चे के इलाज की व्यवस्था कराई जाएगी।"
डॉ.जेएस सिकरवार, अधीक्षक, जेएएच

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