झांसी-आगरा ट्रैक पर बढ़ेगी गतिमान और शताब्दी की स्पीड, ट्रायल सफल

ट्रायल रन में इंजन के साथ तीन कोच लगाकर ट्रैक पर स्पीड का परीक्षण किया गया। इस दौरान ट्रेन को 180 किमी प्रतिघंटे से अधिक गति से चलाया गया। इसके पीछे रेलवे का इरादा गतिमान, शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों को समान स्पीड से चलाना है

By: Rahul rai

Updated: 27 Nov 2019, 01:39 PM IST

ग्वालियर। झांसी और आगरा के बीच भी गतिमान एवं शताब्दी एक्सप्रेस 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इसके लिए मंगलवार को इस ट्रैक पर ट्रायल रन किया गया, जो सफल रहा। इस ट्रैक पर दो जगह मोड़ होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार औसत से आधी रह जाती थी।

ट्रायल रन में इंजन के साथ तीन कोच लगाकर ट्रैक पर स्पीड का परीक्षण किया गया। इस दौरान ट्रेन को 180 किमी प्रतिघंटे से अधिक गति से चलाया गया। इसके पीछे रेलवे का इरादा गतिमान, शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों को समान स्पीड से चलाना है। आगरा-नईदिल्ली के बीच गति 160 से 180आगरा से नईदिल्ली के बीच यह ट्रेनें 160 से 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती हैं, लेकिन झांसी और आगरा के बीच इनकी स्पीड 130 किमी प्रतिघंटे भी नहीं रह पाती है।

मंगला, ताज, खजुराहो एक्सप्रेस लेट हुईं
ट्रायल के दौरान ट्रेन ग्वालियर से गुजरी तो स्टेशन पर रेलवे अधिकारी भी मौजूद रहे। ट्रायल की वजह से मंगला एक्सप्रेस, ताज एक्सपे्रस ओर खजुराहो एक्सप्रेस लेट हुईं।

जहां घटती है स्पीड, वहीं किया ट्रायल
झांसी से आगरा के बीच रेलवे ट्रैक पर सिथौली और संदलपुर के बीच, सोनागिर और दतिया के बीच मोड़ होने से ट्रेनों को औसत रफ्तार से भी नहीं चलाया जा रहा था, यहीं ट्रायल किया गया।

इनका कहना है
आगरा से झांसी के बीच इंजन के साथ तीन कोच लगाकर ट्रैक पर ट्रायल रन किया गया। भविष्य में यहां 180 प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने का प्लान है, ताकि यात्रियों को कम समय में पहुंचाया जा सके।
मनोज कुमार शर्मा, पीआरओ झांसी मंडल

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