JU टॉपर बोले: चार साल पढ़ाई में खर्च हो गए पांच लाख, डिग्री मिलने का समय आया तो कर दिया फेल

jiwaji university bhms course student share painful story of study : फाइनल ईयर का परिणाम लॉक डाउन में जारी करने से बढ़ी परेशानी,छात्रों का

By: Gaurav Sen

Published: 18 Apr 2020, 04:51 PM IST

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय ने बीएचएमएस फोर्थ प्रोफ का रिजल्ट निकालने के साथ ही उत्तरपुस्तिकाओं के रीओपन या रीवैल्युएशन के लिए लॉक डाउन समाप्त होने के बाद सात दिन की समय सीमा निर्धारित की है। तीन दिन का समय लेट फीस के साथ आवेदन करने के लिए दिया गया है। जेयू की इस व्यवस्था से नाखुश छात्रों का कहना है कि बीएचएमएस के आखिरी वर्ष के बाद विश्वविद्यालय के पास इस पाठ्यक्रम की पात्रता ही रहेगी तो अचानक यह परिणाम घोषित क्यों किया गया, यह परिणाम लॉक डाउन के बाद भी घोषित किया जा सकता था।

छात्रों ने बताया कि विवि ने चार साल की पढ़ाई छह साल में पूरी करवाई और जब डिग्री मिलने का समय आया तो जो सबसे बेहतर छात्र थे, उनको फेल कर दिया गया। उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दक्षिण भारत के छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनके माता-पिता ने छह साल में पांच लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च कर दी है, हम लोगों ने भी लगातार मेहनत की, हर वर्ष 70 से 80 फीसदी के बीच अंक आए हैं, फाइनल प्रोफ के एग्जाम में भी लगभग सभी उत्तर सही तरीके से लिखे गए हैं।

फिर से प्रशासनिक भवन पहुंचे छात्र
रिजल्ट खराब होने के बाद गुरुवार को छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे थे। वहां मौजूद अधिकारियों ने वापस कर दिया था। शुक्रवार को फिर से ग्वालियर में फंसे छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे थे। अधिकारियों से मिलने के बाद सभी को लॉक डाउन के बाद आवेदन भरने की सलाह दे दी गई है।

यह हैं छात्रों के सवाल

  • बीएचएमएस कर रहे छात्रों में से कुछ छात्रों ने बताया कि परीक्षा परिणाम में जिन छात्रों को 70 से 80 के बीच अंक दिए गए हैं। उनकी फस्र्ट से लेकर थर्ड ईयर तक परफार्मेंस वीक रही है।
  • फाइनल प्रोफ में भी उनके एकेडमिक स्तर से पता लगाया जा सकता है। बहुत से छात्र ऐसे भी पास हो गए हैं, जिनको मेडिसिन डिस्क्रिप्शन भी सही तरीके से डिस्क्राइब करना नहीं आता है। पै्रक्टिकल में भी इन लोगों को बेहतर नंबर दिए गए हैं।
  • मार्च में रिजल्ट बन गया था, तो उसको लॉक डाउन से पहले ही घोषित क्यों नहीं किया गया। किसी ने कोई ऑब्जैक्शन नहीं किया था तो रिजल्ट को रिवाइज कराने की जरूरत क्यों पड़ी।
  • परीक्षाएं और मूल्यांकन होने के बाद रिजल्ट इतनी देर से क्यों निकाला गया।
  • बीएचएमएस फोर्थ प्रोफ में ही हर बार क्योंं रिजल्ट खराब होता है, रीवैल्यूएशन के बाद में यह सुधर कैसे जाता है।
  • उत्तरपुस्तिकाएं जांचने वाले शिक्षकों द्वारा अगर हर बार गलती की जाती है तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।
Gaurav Sen Desk
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