बीएससी नर्सिंग कांड : जीवाजी विश्वविद्यालय में भी हो नगर निगम की तरह सर्जरी, आखिर क्यो है जरूरी

  • जीवाजी में लगातार फैल रही अनियमितताओं पर न कुलपति और कुलसचिव की नजर
  • छात्र नेता और कार्यपरिषद सदस्य लगातार जता रहे विरोध

By: monu sahu

Published: 17 Jan 2021, 11:09 PM IST

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार,घोटाला व लापरवाही कोई नहीं बात नहीं है। लेकिन इस बार अफसरों की कारगुजारियां छात्रों के सामने खुलकर उजागर हो गई हैं।जीवाजी विश्वविद्यालय की साख पर अफसरों और कार्यपरिषद सदस्यों ने दाग लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। बीएससी नर्सिंग कांड उजागर होने के बाद के एक-एक करके कई मामले अब तक सामने आ रहे हैं। इसको लेकर एनएसयूआई और एबीवीपी सहित अन्य छात्र नेताओं ने जमकर विरोध भी जताया है। लेकिन न तो कुलपति और ना ही कुलसचिव के कानू पर जूं रेंग रही है। ऐसे में जेयू के अधिकारी मौज मस्ती में नजर आ रहे हैं।

सबसे बड़ी बात है कि इस मामले में कार्यपरिषद सदस्य भी देखने और दिखाने का काम करते हुए नजर आ रहे है वह अब छात्र हित की बात न करते हुए केवल अपने कामों में लगे हुए हैं। छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए पहचाने जाने वाली जेयू अब अनेक विसगतियों के लिए बदनाम हो रही हैं। वर्तमान में जिले में एक केंद्रीय मंत्री और दो मंत्री हैं,पर जेयू में बैठे अफसरों के खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में अब सीएम शिवराज सिंह चौहान से ही उम्मीद है कि वह अब खुद ही नगर निगम के दागी अफसरों पर लगातार हो रही कार्रवाई की तरह ही जेयू में बैठे तामम अधिकारियों पर कार्रवाई करें।

  • जीवाजी में यह फैली है विसगतियां
  • बीएससी नर्सिंग कांड का फर्जीवाड़ा उजागर होने पर भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं।
  • सीएम हेल्पलाइन पर एल 1 स्तर पर ही 500 से अधिक और एल 2 पर दो सौ अधिक शिकायत हो चुकी हैं फिर भी छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हुआ।
  • इंजीनियरिंग छात्रों के 1 से 6वें सेमेस्टर का अब तक रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है।
  • जेयू की ओर से अब तक कई छात्रों का रिजल्ट घोषित ही नहीं किया।
  • प्रथम व द्वितीय वर्ष के जनरल प्रमोशन वाले करीब ढाई हजार छात्रों को 0 नंबर दे दिए गए हैं। जिसका अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
  • अटल विहारी वाजपेयी मल्टी आर्ट कॉप्लेक्स में कई विसगतियां पाई है।
  • स्वीमिंग पुल में हुए घोटाले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • जेयू के कई छात्रों को विथहेल्ड में रखा गया है।
  • 17 प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर कोर्ट के निर्देश पर सीआइडी का पत्र आने के बाद भी अब तक एग्जाम कंट्रोल मुकुल तेंलग सहित अन्य प्रोफेसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • बीपीएड कोर्स की मान्यता नहीं फिर भी 100 छात्रों को प्रवेश दे दिया गया है।
  • शासन ने नगद भुगतान पर रोक लगाई है फिर भी जेयू में नगर भुगतान हो रहा है।
  • आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या अधिक दर्ज कराई है जबकि कर्मचारी काम पर कम लगाए गए हैं।
  • जेयू के अकेदमी भवन में अनियमितता होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • जीवजी विश्वविद्यालय में लाखों रुपए की चोरी हुई है जिस पर अब तक किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
Jiwaji University Bsc Nursing  Fake Marksheet Case

एनएसयूआई प्रदेश सचिव सचिन भादौरिया ने बताया कि जेयू में छात्रहित को लेकर कुलपति,कुलसचिव व कार्यपरिषद सदस्य सहित तमाम अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए है। एनएसयूआई छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अब तक बीते तीन माह में 15 बार विरोध प्रदर्शन कर चुकी हैं। जिसमें 8 बात तो कुलसचिव,डिप्टी रजिस्टार और एग्जाम कंट्रोल मुकुल तेंलग के चेंबर में बैठकर दोपहर से रात 8 बजे तक विरोध जता चुके हैं फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा जेयू प्रबंधन ने उनके दो दर्जन साथियों पर ही एफआईआर दर्ज करवा दी है।

एबीवीपी महानगर सहमंत्री ऋषभ शर्मा ने बताया कि जेयू में फैली गड़बड़ी, बीएससी नर्सिंग कांड के लिए जेयू प्रबंधन जिम्मेदार है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों की समस्यओं को लेकर एबीवीपी ने हाल ही में विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया था जिसमें कुलपति ने समस्यओं के समाधान करने की बात कही है। यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो एबीवीपी सड़क पर उतरकर विरोध जताएगी।

"जेयू में फैले भ्रष्टाचार,घोटाला,गड़बड़ी व लापरवाही और बीएससी नर्सिंग कांड सहित अन्य चीजों के लिए कुलसचिव,कुलसचिव,एग्जाम कंट्रोल,एआर व डीआर दोषी है। जिन पर शासन को सख्त कारवाई करनी चाहिए। इस मामले को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा जा चुका है।"
डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौर कार्यपरिषद सदस्य जेयू

"जेयू में फैली गड़बड़ी व बिसगंतियों के लिए कुलपति व कुलसचिव जिम्मेदार है। बीएससी नर्सिंग कांड में दोषियों को बचाने के लिए जेयू के अधिकारी लगे हुए है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
डॉ. मुनेंद्र सिंह सौंलकी कार्यपरिषद सदस्य जेयू

"आपके द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है। मैं जेयू के मामले को दिखवाता हूं।"
चंद्रशेखर वालिम्बे अपर आयुक्त हायर एजेुकशन

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