बेटियों को कम्प्यूटर शिक्षा देने जेयू ने उठाया कदम

बेटियों को कम्प्यूटर शिक्षा देने जेयू ने उठाया कदम
बेटियों को कम्प्यूटर शिक्षा देने जेयू ने उठाया कदम

Harish kushwah | Updated: 23 Sep 2019, 08:48:48 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों के लिए अच्छी खबर है। शहर के ऐसे सरकारी स्कूल, जिनमें बेटियों की संख्या अधिक है, लेकिन उनमें कम्प्यूटर लेबोरेटरी की सुविधा नहीं है।

ग्वालियर. सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों के लिए अच्छी खबर है। शहर के ऐसे सरकारी स्कूल, जिनमें बेटियों की संख्या अधिक है, लेकिन उनमें कम्प्यूटर लेबोरेटरी की सुविधा नहीं है। उनमें पढ़ने वाली बेटियों को कम्प्यूटर की शिक्षा देने के लिए जीवाजी यूनिवर्सिटी कदम उठाने जा रही है। इसकी शुरुआत यूनिवर्सिटी पद्मा गर्ल्स स्कूल से करने जा रही है। जल्द ही वह स्कूल को 20 कम्प्यूटर देगी। यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के अनुसार आज कम्प्यूटर की जरूरत हर क्षेत्र में है। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए यह हमारा पहला कदम है।

स्कूल को फ्री कम्प्यूटर देने के लिए सेंट्रल इंस्ट्रुमेंट फैसिलिटी (सीआइएफ) लेबोरेटरी के माध्यम से कम्प्यूटर्स तैयार कराए जा रहे हैं। पूरी तरह से रेडी होने के बाद इन कंप्यूटर्स को पद्मा स्कूल को दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बाद में डिमांड के अनुसार अन्य स्कूलों को देने का भी प्लान है। इन कम्प्यूटर्स को देने के बाद यूनिवर्सिटी द्वारा स्कूल में जरूरत के हिसाब से कम्प्यूटर एक्सपर्ट्स भी भेजे जाएंगे, ताकि वे छात्राओं को कम्प्यूटर ज्ञान से परिचित करा सकें।

पद्मा स्कूल से की जा रही शुरुआत

शहर के अधिकतर गवर्नमेंट स्कूल्स में कम्प्यूटर की कोई लेबोरेटरी नहीं है, जिससे उनमें पढ़ने वाले छात्र कम्प्यूटर एजुकेशन से वंचित रह जाते हैं। कुछ समय पहले पद्मा स्कूल की ओर से जीवाजी यूनिवर्सिटी से कुछ कम्प्यूटर्स की मांग की गई थी। वर्तमान में गवर्नमेंट पद्मा स्कूल में 9वीं से 12वीं तक की लगभग 2 हजार छात्राएं हैं, लेकिन उन्हें कम्प्यूटर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

यूनिवर्सिटी कैंपस में तैयार हो रहे सिस्टम

वर्तमान समय में कम्प्यूटर का हर फील्ड में महत्व है, लेकिन सभी स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध न होने के कारण स्टूडेंट्स को आगे चलकर काफ ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए जेयू द्वारा यह कदम उठाया गया है। इससे स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां कम्प्यूटर से रूबरू हो सकेंगी। यह उनके कॅरियर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ. शांतिदेव सिसोदिया, पीआरओ, जेयू

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