संदल पोशी हाकर शहजरा ख्वानी की, कलाम पाक पढ़ा

कुल के छींटे रस्म के साथ ख्वाजा खानून का उर्स समाप्त


By: Pawan Dixit

Updated: 10 Jan 2019, 08:06 PM IST

ग्वालियर। हजरत ख्वाजा खानून साहेब का ५००वां सालाना उर्स मेला दरगाह पर कुल के छींटे की रस्म के साथ पूरा हुआ। ख्वाजा खानून के उर्स में कुल के छींटे को लेने के लिए शहरभर से बड़ी तादाद में लोग आए। दरगाह पर उर्स में शामिल आए लोगों पर फुब्बारे मशीन के जरिए कुल के छींटे दिए गए।

उर्स मेला में आखिरी दिन मजार शरीफ पर संदल पोशी हाकर शजरा ख्वानी हुई। दरगाह के समाखाने में मेहफिल सजी जिसमें सलीम झंकार एंड पार्टी द्वारा अपना कमला पेश किया गया। हाफिज साजिद अली के साथ पंद्रह हाफिजों ने कलाम पाक पढ़े। इस मौक्े पर ३० कलाम पाक, ४२ यासीन शरीफ १२ सूरहमुल्क ६२०० दरु शरीफ ५०० सुरह इखलास और ७१ ००० कलमे पर इसाले शवाव हुआ। गरीब नवाज ख्वाजा अजमेरी चिश्ती अजमेरी के खास तौर पर आर्ठ चादरपेश की गई। मजलिश में अजमेर शरीफ से आए सज्जादा जनाब ख्वाजा ग्यासुद्दीन मुइनी ने जायरीन को सूफी संतों के बताए मार्ग पर चलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि इनके जीवन में शिक्षा लेनी चाहिए।

हजारों लोगों की चादर पेश
उर्स के समापन पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्रङ्क्षसह तोमर द्वारा भेजी गई चादर को लेकर पूर्व साडा अध्यक्ष राकेश जादौन आए। जौदान के साथ, अशोक जैन, विहल सेंगर, महेंद्र सेंगर, पंकज पाइक् रामबाबू कटारे ने चादर पेशी की। उर्स में दरगाह रायसेन शरीपु के डॉ औसाफउद्दीन शाह मीर चिश्ती, दरगाह परदेशीवाली पिछोर से जमील खां, बंदगीशाह से जमीन बाबा, गद्दी सूफी इंदौर से सूफी अफजल अहमद, दरगाह बाबा कपूर से इंतजार शाह, शहर काजी अब्दुल हमीद कादरी सहित हजारों लोगों ने चादर पेश की।

मुराद पूरी करने के लिए इबादत करें
उर्स के समापन पर सज्जादानशीन ख्वाजा राशि द खानूनी साहेब ने विशेष दुआ की। दुआ करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में नमाज रोज नियमित करनी चाहिए। कोई भी मुराद पूरी कराने के लिए ईमानदारी से इबादत करना चाहिए। इस मौके पर डॉ एजाज खानूनी, संजय खानवलकर, इमरान खां, हाजी खां,भूरा खलीफ, नीरेश जैन, संजय कटारे सहित कई लोग मौजूद थे।

Pawan Dixit
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