कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, फूलबाग पर किया प्रदर्शन

- पुरानी छावनी और आस-पास के किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

ग्वालियर. केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार को पुरानी छावनी, पंजाबीपुरा से करीब 50 ट्रैक्टर के साथ रैली निकाली जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर फूलबाग मैदान पहुंची। यहां मप्र किसान सभा ग्वालियर और अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों ने एडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने फूलबाग मैदान पर केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की और कृषि कानूनों को वापस लेने को कहा। करीब एक घंटे तक किसानों ने फूलबाग मैदान पर प्रदर्शन किया और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
ग्वालियर में किसान आंदोलन के सातवें दिन ट्रैक्टर रैली पुरानी छावनी से लेकर कलेक्टरेट तक जाना थी लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस के दबाव और समझाइश के चलते रैली फूलबाग स्थित धरना स्थल पर आकर खत्म हो गई। उल्लेखनीय है कि पिछले सात दिन से फूलबाग चौराहे पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी किसानों के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। किसानों ने कृषि कानून को रद्द करने एडीएम किशोर कन्याल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि किसान विरोधी कृषि कानूनों को जल्द वापिस लिया जाए ग्वालियर में किसान रैली में पहली बार महिलाएं और बच्चों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

मेला रोड पर रैली को पुलिस ने रोका, पुलिस से कहा-सुनी
पुरानी छावनी से शुरू हुई रैली गोले के मंदिर होते हुए मेला रोड से कलेक्ट्रेट की ओर जा रही थी, लेकिन वहां पुलिस ने उनको रोक लिया और रैली समाप्त करने के लिए कहा, लेकिन इस बात को लेकर किसानों और पुलिस के बीच कहा-सुनी भी हो गई, लेकिन किसान नहीं माने और फिर फूलबाग मैदान के लिए रवाना हुए। यहां पहले से भारी पुलिस बल तैनात था और एडीएम भी मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद एडीएम फूलबाग पर ही ज्ञापन ले लिया।

कांग्रेस के झंडे हटवाए
इस रैली की खास बात ये रही कि रैली में शिरकत करने और किसानों को समर्थन देने कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी अपने झंडे बैनर लेकर मैदान में आ गए लेकिन किसान नेताओं ने उन्हें झंडे हटाने के लिए कहा। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने झंडे हटा लिए इस मामले में कुछ किसान नेताओं का कहना था कि यदि कोई पार्टी हमारा समर्थन करती है तो ठीक है लेकिन किसी भी पार्टी के झंडे बैनर लगाना गलत है क्योंकि ये विशुद्ध रूप है किसानों का आंदोलन है।

संशोधन नहीं, कानून वापस ले सरकार
किसान संगठन नेता अखिलेश यादव ने कहा, पराली और बिजली कानून को वापस लेने के केन्द्र सरकार ने कहा है लेकिन हम कृषि कानून में संशोधन नहीं चाहते है। किसानों की मांग है कि इन कानून को वापस लिया जाया। आठ जनवरी को फिर केन्द्र सरकार से बातचीत है यदि इसमें कोई निर्णय नहीं निकलता है तो हम इस आंदोलन को ओर तेज करेंगे।


किसान नेता ने कहा, कृषि कानून से किसान ही नहीं बल्कि उसका परिवार भी दुखी है इसलिए ट्रैक्टर रैली में महिलाएं और बच्चे भी आए हैं। अभी ट्रैक्टर रैली का आह्वान किया गया था उसके तहत रैली निकाली गई है आगे जो भी किसान संगठन आदेश करेगा उस आधार पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

Patrika
Show More
राहुल गंगवार Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned