Janmashtami 2018 : इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जरूर करें यह उपाय,बदल जाएगी आपकी किस्मत

Janmashtami 2018 : इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जरूर करें यह उपाय,बदल जाएगी आपकी किस्मत

monu sahu | Publish: Sep, 02 2018 07:45:47 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 07:49:40 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

Janmashtami 2018 : जन्माष्टमी पर जरूर करें यह उपाय बदल जाएगी आपकी किस्मत

ग्वालियर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तीन सितंबर को धूमधाम से मनाई जाएगी। वृंदावन में श्रीबांके बिहारी सहित पूरे ब्रजमंडल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इसी दिन मनाई जा रही है। वहीं ग्वालियर के राधा कृष्ण मंदिर,गोपाल मंदिर और मुरैना के श्रीबंाके बिहारी, रामजानकी व महादेव नाका स्थित गिर्राज जी मंदिर पर भी इसी दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिरों की साफ सफाई के बाद फूलों से सजाया गया है और रोशनी के माध्यम से आकर्षक सजावट की गई है। श्रीकृष्ण जन्म को लेकर हर वर्ग उत्साहित है। मंदिरों के अलावा हर घर में श्रीकृष्ण जन्म की तैयारी हो चुकी है।

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हर कोई इस दिन व्रत रखकर पूजा पाठ में व्यस्त रहेगा। श्रीकृष्ण के जन्म उपरांत नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्म पर बधाई बगैरह का आयोजन भी किया जाएगा। पं. अवध विहारी शास्त्री के अनुसार यदि सूर्य उदय में अष्टमी मुहूर्त मात्र भी हो, उसके बाद नवमी तिथि आ जाए तो उस दिन संपूर्ण अष्टमी मानी जाएगी। यदि मुहुर्त मात्र भी कृष्ण अष्टमी नवमी से युक्त हो तो वही कृष्णा अष्टमी मानी जाएगी।

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लक्ष्मीनारायण, सीताराम, राधाकृष्ण जी को मानने वालों की कृष्ण जन्माष्टमी, पुष्टि मार्गीय, वैष्णवों की, निम्बारकी वैष्णवों की, श्रीरामानुजाचार्य वैष्णवों की शास्त्रानुसार सही कृष्ण जन्माष्टमी तीन सितंबर की है। सिर्फ स्मार्ति व शैव्य संप्रदाय वालों की कृष्ण जन्माष्टमी दो सितंबर की है। वहीं ज्योतिर्विद रमेश चौरसिया के अनुसार कृष्ण की जन्म नगरी मथुरा व आसपास ब्रज चौरासी क्षेत्र में आने वाले सभी जगहों पर जन्माष्टमी तीन सितंबर को मनाई जाएगी।

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मुरैना चूंकि ब्रज चौरासी की परिधि में आता है इसलिए जन्माष्टमी त्यौहार तीन सितंबर को मनाया जाएगा। सभी को ब्रज करना चाहिए। इस दिन ब्रज करना अत्यंत फलदायी, पापनाशक, मोक्षकारक, सभी अभीष्ट की पूर्ति करने वाला माना गया है। कलियुग में इस ब्रज से समस्त प्रकार का ऐश्वर्य, वैभव, सुख, शांति, समृद्धि प्राप्त कर परमधाम पहुंचकर सदगति प्राप्त कर सकते हैं। वहीं तिथि, नक्षत्र तथा अर्ध निशि दो सितंबर को प्राप्त होने से कुछ लोग दो सितंबर को जन्मोत्सव मनाएंगे।

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