छात्रों में रीडिंग हैबिट बढ़ाने अपग्रेड करनी होगी लाइब्रेरी

समय में बदलाव के साथ टेक्नोलॉजी का उपयोग भी बढ़ा है, यह अच्छी बात है, लेकिन इसके कारण लोगों में पुस्तकों को पढ़ने की आदत कम हो गई है, जबकि रीडिंग हैबिट बनी रहनी चाहिए। कई युवा किसी भी जानकारी को गूगल पर सर्च करके उसे पूरी तरह से सही मान लेते हैं।

ग्वालियर. समय में बदलाव के साथ टेक्नोलॉजी का उपयोग भी बढ़ा है, यह अच्छी बात है, लेकिन इसके कारण लोगों में पुस्तकों को पढ़ने की आदत कम हो गई है, जबकि रीडिंग हैबिट बनी रहनी चाहिए। कई युवा किसी भी जानकारी को गूगल पर सर्च करके उसे पूरी तरह से सही मान लेते हैं। इसका कारण है लाइब्रेरी का समय के साथ अपग्रेड न होना। इसके लिए गवर्नमेंट और यूनिवर्सिटी लेवल पर प्रयास होने चाहिए। यह बात देश-विदेश से आए विद्वानों ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। जीवाजी यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान अध्ययनशाला की ओर से एकेडमिक लाइब्रेरीज: लेटेस्ट ट्रेंड्स, चैलेंजेज एंड अपॉर्च्युनिटीज विषय पर तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया।

किताबों से पढ़ी चीज हमेशा रहती है याद

एकेडमिक लाइब्रेरी की भूमिका में भी परिवर्तन होना चाहिए। अब लाइब्रेरी को लोगों को इन सबके बारे में अवेयर करने पर फ ोकस करना चाहिए। स्टूडेंट्स की लाइब्रेरी के प्रति इंट्रेस्ट बढ़ाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। क्योंकि किताबों से लिया गया ज्ञान ही लंबे समय तक दिल और दिमाग में बना रहता है।

प्रो. पॉल न्यूवेनहुसैन, बेल्जियम

डवलपमेंट की आवश्यकता

वर्तमान समय में लाइब्रेरी में स्किल मैनपॉवर की कमी है। इसमें न्यू टेक्नोलॉजी डवलपमेंट की आवश्यकता है। इसके लिए जरूरी है कि फाइनेंशियल स्टेटस को मेनटेन किया जाए, लेकिन यह भी ध्यान दिया जाए कि लोगों के बीच जो रीडिंग हैबिट बनी है, वह बनी रहे।

दिलारा बेगम, बांग्लादेश

रीडिंग हैबिट हो रही किल

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना अच्छी बात है, लेकिन इस बात पर भी फ ोकस करना होगा कि इसके कारण लोगों में रीडिंग हैबिट किल न हो जाए। कई बार देखा जाता है कि लोग जब कभी भी किसी चीज में फंसते हैं, तो वह गूगल की मदद लेते हैं, जो रीडिंग हैबिट को खत्म कर रहा है।

मलीरात मलीसम, थाइलैंड

न्यू तकनीक का इस्तेमाल हो

यदि देखा जाए तो लाइब्रेरी की तुलना में उसके यूजर्स की संख्या कम है। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है साथ ही लाइब्रेरी में नई तकनीकी का इस्तेमाल होना चाहिए ताकि लोग नए इनोवेशन से परिचित हो सकें। हालांकि बुक्स को रीड करना भी जरूरी है।

प्रो. केके द्विवेदी, वीसी, आइटीएम यूनिवर्सिटी

लाइफ टाइम एचीवमेंट अवॉर्ड प्रो. सिंह को

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में बेल्जियम से प्रो. पॉल न्यूवेन हुसैन एवं स्पीकर के तौर पर बैंकॉक की डॉ. मलीरात मालियसेम और दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोफेसर प्रो. एसपी सिंह मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आइटीएम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. कमलकांत द्विवेदी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की। इस दिन लाइफ टाइम एचीवमेंट अवॉर्ड से दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोफेसर प्रो. एसपी सिंह को विभूषित किया गया।

हर स्तर पर हों प्रयास

गवर्नमेंट लाइब्रेरी को अपग्रेड करने के लिए वित्त की कमी को पूरा करे। स्टूडेंट्स लाइब्रेरी में जाने और बुक्स रीड करने की हैबिट डालें। यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में शोध संबंधी डेटा होना जरूरी है।

Harish kushwah Desk
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