भागवतकथा से मन मंदिर को शुद्ध करने से संवरती है जिंदगी

- केंद्रीय कारागार में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का चौथा दिवस

By: Narendra Kuiya

Updated: 18 Feb 2020, 11:32 PM IST

ग्वालियर. गुरुवाणी सेवाट्रस्ट की ओर से केन्द्रीय कारागार में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ चौथे दिन कथा व्यास गोपाल कृष्ण महाराज ने बंदियों को संदेश देते हुए कहा कि कथा के जरिए आप अपने मन मंदिर को शुद्ध करें। बाहर जाने के बाद ये संदेश जाए कि कैदी सेवा और भक्ति में जुट गए हैं। कथा सुनने से जिंदगी संवरती है। ऐसा कार्य करो कि देश को आपसे उचित योगदान मिल सके। स्वच्छता के संदेश पर उन्होंने कहा कि राम और गंगा दोनों ही बुद्धि और शरीर को स्वच्छ रखते हैं। जो राम के नाम का जप करते हैं उनकी बुद्धि और विवेक तेज होते हैं वहीं गंगाजल में स्नान करने से तन की शुद्धि होती है। प्रहलाद चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंंने कहा कि भगवान जाति पद नहीं भावना के वशीभूत होते हैं। हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को अनेकों को यातानाएं दी लेकिन प्रहलाद का भाव भगवान के लिए पूरी तरह से नि:स्वार्थ भाव से समर्पित था। इसलिए उसकी जीत हुई। यह बिल्कुल सही है जो व्यक्ति निष्फल कार्य करता है और आपत्तिकाल में भी टिके रहने पर अंत में उसकी विजय होती है। इस मौके पर सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, नगर निगम सभापति राकेश माहौर आदि मौजूद थे। इस अवसर पर सांसद विवेक शेजवलकर ने जेल में वाटर कूलर लगाने की घोषणा की।

Narendra Kuiya Reporting
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