क्लास में लगे लाइफ स्किल पीरियड, तो बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान में शनिवार को टेडएक्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें देशभर की चुनिंदा हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम का विषय मूविंग द मार्जिनस रखा गया था। इनमें पद्मश्री डॉ एमआर राजागोपाल, पद्मश्री रामली इब्राहम, फिल्म डायरेक्टर पीयूष मिश्रा, महिंद्रा के सीईओ विजय कालरा, एफएस इस्केप्स की सीईओ मालिनी गौरीशंकर, फिल्म मेकर ईशान शुक्ला, स्विगी के सीनियर मैनेजर उत्सव मिश्रा शामिल थे।

ग्वालियर. माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान में शनिवार को टेडएक्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें देशभर की चुनिंदा हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम का विषय मूविंग द मार्जिनस रखा गया था। इनमें पद्मश्री डॉ एमआर राजागोपाल, पद्मश्री रामली इब्राहम, फिल्म डायरेक्टर पीयूष मिश्रा, महिंद्रा के सीईओ विजय कालरा, एफएस इस्केप्स की सीईओ मालिनी गौरीशंकर, फिल्म मेकर ईशान शुक्ला, स्विगी के सीनियर मैनेजर उत्सव मिश्रा शामिल थे। उन्होंने स्टूडेंट्स के साथ इंटरेक्शन भी किया। साथ ही अपनी जर्नी और संघर्ष शेयर किया। पीयूष मिश्रा ने खुद की लिखी कविता सुनाकर स्टूडेंट्स की तालियां बटोरीं। मालिनी गौरीशंकर ने बताया कि शुरुआत से ही मुझे टूरिज्म अच्छा लगता है। मैंने सोचा मुझे ऐसा प्रोफेशन चाहिए, जिसमें मुझे ट्रैवल करना पड़े। लोगों से मिलना जुलना पड़े। मैंने ऐसे लोगों से मिलना शुरू किया, जो मेरे स्किल को इंडस्ट्री में उपयोग कर सकें। मैंने एंटरप्रेन्योर में अपनी उपयोगिता देखी। मैंने देखा कि हमें अपने जैसे लोगों का साथ पसंद होता है। अगर हम औरों के तौर तरीके और विचारों को नहीं जनेंगे, तो हम समाज के रिस्पॉन्सिबल नागरिक की तरह व्यवहार नहीं कर पाएंगे।

घर के बुजुर्गों के साथ बिताए समय

पद्मश्री एम राजगोपाल ने एक कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य की परिभाषा खुद का स्वस्थ होना नहीं बल्कि फिजिकल, मेंटल और सोशल वैल बीइंग होना है। लोग पूरा जीवन धन दौलत कमाने में निकाल देते हैं, लेकिन आखिरी समय में उसे सबसे अच्छा उसका अपनों का साथ होना लगता है। उन्होंने बताया कि केरल में ही कई लाख लोग अकेले हैं। उनकी सेवा हम, आप या कम्युनिटी के लोग ही कर सकते हैं। इसके लिए आप भी आगे आएं।

जीवन में कठिन टॉस्क लेने होंगे

स्विगी के सीनियर मैनेजर उत्सव मिश्रा ने कहा कि अगर विषयों के साथ लाइफ स्किल का एक पीरियड भी होता तो शायद समास्याओं से जूझने की शक्ति ज्यादा होती। उन्होंने कहा कि फि जिक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई से जिंदगी की समस्याओं पर विजय नहीं पाई जा सकती। इसके लिए आपको कठिन टॉस्क लेने होंगे। याद रखें असफलता हमें बहुत कुछ सिखाती है। इसलिए इससे घबराए नहीं बल्कि अपनी कमियों को पहचानकर आगे बढ़ें।

Harish kushwah Desk
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