mp election 2018 : यहां भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए है चुनौती,ये समस्याएं बनेगी चुनाव में बड़ा मुद्दा

mp election 2018 : यहां भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए है चुनौती,ये समस्याएं बनेगी चुनाव में बड़ा मुद्दा

monu sahu | Publish: Sep, 16 2018 05:17:30 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

mp election 2018 : यहां भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए है चुनौती,ये समस्याएं बनेगी चुनाव में बड़ा मुद्दा

ग्वालियर। प्रदेश में दो माह बाद विधानसभा चुनाव होना है जिसकी तैयारी में भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य पार्टियां भी लगी हुई है। एक ओर प्रदेश की भाजपा सरकार चौथी बार अपनी सरकार बनाने की भरपूर कोशिश कर रही है। वहीं १४ साल से सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस इस बार हर हाल में यह चुनाव जीतना चाहती है। उससे पहले ग्वालियर चंबल संभाग में चुनाव को लेकर दोनों ही पार्टियां बड़ी उठा पटक करने के लिए लगी हुई हंै।

 

शिवपुरी जिले के विधानसभा चुनाव 2013 में कोलारस विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ क्रमांक 188 से कांग्रेस को 760 वोट मिले,जबकि भाजपा को 197 वोट मिले। वहीं इसी विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ क्रमांक 167 से भाजपा को 527 वोट मिले तो कांग्रेस को 194 वोट से ही संतोष करना पड़ा। दोनों पोलिंग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की वर्षों से व्याप्त समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। जीतने वाले विपक्षी होने के कारण अनसुनी करते रहे और दो बार हार के बाद भी भाजपा ने उनकी कोई सुध नहीं ली।

 

योजनाओं से वंचित आदिवासी
विधानसभा क्षेत्र कोलारस
बूथ क्रमांक 188
2013 में कुल पड़े वोट 1013
कांग्रेस को मिले वोट 760


पोलिंग बूथ: शासकीय प्रावि सुनाज
कोलारस विधानसभा के पोलिंग बूथ क्रमांक 188 में ग्राम सुनाज, गोरा टीला व टीलाकलां गांव आते हैं, जो आदिवासी बाहुल्य हैं। इस पोलिंग बूथ से कांग्रेस को 76 0 वोट मिले, जबकि भाजपा को महज 197 वोटही मिल पाए। गांव में आदिवासियों को शासन की किसी योजना का कोई फायदा नहीं मिला। आदिवासियों को न प्रधानमंत्री आवास मिला और न ही शौचालय बनाए गए। चुनाव के दौरान नेताओं ने वायदा किया था कि जीवन स्तर में सुधार आएगा, लेकिन न जीतने वाले और न हारने वाले उनकी सुध लेने पहुंचे। आदिवासियों का बिचौलियों द्वारा शोषण किया जा रहा है।



महीनों तक लाइट नहीं आती
आदिवासी मौहल्ले में, हैंडपंप खराब हैं और ये लोग नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। समय पर राशन नहीं मिलता, एक हजार रुपए भी एक महीने ही मिल पाए। कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होती। स्थानीय रहवासी भारतेंदु सिंह का कहना है कि आदिवासियों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही, नेताओं की घोषणाएं सिर्फ दिखावा रहती हैं। दस साल पूर्व भाजपा सांसद प्रभात झा ने यहां राखी बंधवाने के बाद बहनों को गोरो टीला रपटा पर पुल बनवाने का आश्वासन दिया था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका।

 

फसल बर्बाद होने पर भी नहीं मिलता मुआवजा
विधानसभा क्षेत्र कोलारस
बूथ क्रमांक 167
2013 में कुल पड़े वोट 989
भाजपा को मिले वोट 527


पोलिंग बूथ: शासकीय प्रावि पचावली
कोलारस विधानसभा के पोलिंग बूथ क्रमांक 16 7 के अंतर्गत ग्राम पचावली आता है, जिसमें सबसे अधिक दांगी व जाटव वोटर निवास करते हैं। इस गांव में सडक़ व बिजली की अधिक समस्या नहीं है, लेकिन पानी की परेशानी ग्रामीण झेल रहे हैं। इस गांव मे रहन वाले जाटव परिवारों को वर्ष 2001-02 में जो पट्टे दिए गए, उन्हें 16 -17 साल बाद भी राजस्व विभाग के रिकार्ड में अमल नहीं किया गया। जिसके चलते यह परिवार अपनी पट्टे की जमीन पर काबिज होकर खेती तो कर रहे हैं, लेकिन अतिवृष्टि या सूखे के हालातों में जब फसल खराब होती है तो इन गरीब परिवारों को मुआवजा नहीं मिलता।

 

क्योंकि राजस्व विभाग में उनकी जमीन के पट्टे तो मिल गए, लेकिन इंद्राज न होने से उन्हें उस जमीन का मालिक शासकीय रिकार्ड में अंकित ही नहीं किया गया। बरसात में जब सिंध नदी उफनती है तो पचावली पुल पर पानी आ जाने से गांव के लोगों का कई दिनों तक जिला मुख्यालय सहित अन्य गांव से संपर्क टूट जाता है। यहां दस साल से नया पुल बन रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। जबकि हर बार चुनाव में नेता नया पुल पूरा करने का वायदा करते हैं, लेकिन वो अभी तक पूरा नही हो पाया। विधानसभा में भी मामला उठाया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

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