जयकारों के साथ प्राचीन प्रतिमाओं पर रत्न जडि़त स्वर्ण कलशों से किया महामस्तकाभिषेक

- शांतिगिरी अतिशय क्षेत्र आमीगांव में हुआ कोरोना महामारी की समाप्ति के लिए नवग्रह शांति महामंडल विधान एवं शांति यज्ञ

By: Narendra Kuiya

Published: 26 Oct 2020, 07:04 PM IST

ग्वालियर. पनिहार के समीप शांतिगिरी प्राचीन अतिशय क्षेत्र आमीगांव में कोरोना माहमारी समाप्ति के लिए सोमवार को महामस्तिकाभिषेक एवं नवग्रह महामंडल विधान महोत्सव संपन्न हुआ। 1500 वर्ष पुरानी खडग़ासन भगवान शांतिनाथ, आदिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ एवं महावीर स्वामी की प्रतिमाओं रत्न जडि़त स्वर्ण कलशों से महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान के मस्तक पर मंत्रोचारित शांतिधारा करने के बाद महाआरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने ये महामस्तकाभिषेक झूमते हुए और जयकारे लगाते हुए किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

विधान में चढाए महाअघ्र्य, महायज्ञ किया
मंत्रोच्चारण के साथ नवग्रह महामंडल विधान में मुख्य मंगल कलश स्थापना सौभाग्यवती महिलाओं से कराई गई। विधान में बने इंद्र-इंद्राणी बने श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र पहनकर पूजा-अर्चना करते हुए भगवान जिनेंद्र को महाअघ्र्य समर्पित किए। विधान के उपरांत कोरोना समाप्ति के लिये विश्व शांति महायज्ञ के अग्नि कुंड में आहुतियां देकर कामनाएं की गई। इस मौके पर अशोक कुमार जैन, राजेंद्र जैन, पवन जैन, अभय जैन, अमित जैन, योगेश जैन, राजेंद्र जैन, अतुल कुमार जैन आदि मौजूद थे।

Narendra Kuiya Reporting
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