मेंटनेंस का पैसा लेकर भी नहीं किया काम, दुकानों में आ रही दरारें

हाउसिंग बोर्ड ने इन दुकानदारों से उस समय मेंटनेंस के नाम पर अलग- अलग राशि जमा कराई थी। लेकिन इस समय अविधि में आज तक हाउसिंग बोर्ड ने एक बार भी पुताई तक नहीं कराई है। इसके चलते अब हालात यह हो गए है कि दुकानों की दीवारों पर बड़ी- बड़ी दरारें आ गई है।

By: Neeraj Chaturvedi

Published: 06 Jan 2020, 04:38 PM IST

दीनदयाल नगर के महाराजा कॉम्पलेक्स का मामला
- ७२ दुकानदारों से मेंटनेंस का लिया था पैसा
- अब दुकानों की दीवारों में आ गई दरारें, पानी के नल तक निकाले
- अब हाउसिंग बोर्ड और नगर निगम के बीच में झूल रहे दुकानदार
ग्वालियर. वर्षो की मेहनत करने के बाद लोग अपना रोजगार के लिए दुकाने खोलते है, लेकिन सरकारी विभागों द्वारा इन दुकानदारों को गुमराह करके ठगा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला हाउसिंग बोर्ड ने दीनदयाल नगर में महाराजा कॉम्पलेक्स के दुकानदारों के साथ किया है। इस कॉम्लेक्स का निर्माण हाउसिंग बोर्ड ने वर्ष २००२ में किया था। कॉम्पलेक्स में हाउसिंग बोर्ड का ऑफिस के साथ छोटी- बड़ी कुल ७२ दुकानें बनाकर बेची गई थी। हाउसिंग बोर्ड ने इन दुकानदारों से उस समय मेंटनेंस के नाम पर अलग- अलग राशि जमा कराई थी। लेकिन इस समय अविधि में आज तक हाउसिंग बोर्ड ने एक बार भी पुताई तक नहीं कराई है। इसके चलते अब हालात यह हो गए है कि दुकानों की दीवारों पर बड़ी- बड़ी दरारें आ गई है। यहां लगाए गए टाइल्स उखड़ गई है। लेकिन इसको लेकर बोर्ड का कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इन दिनों हालात यह है कि दुकानदारों का दर्द कोई भी नहीं समझ रहा है। कुछ दुकानों की दीवारों से तो दरारों से चूना निकलने लगा है। ऐसे में कभी भी इन दीवारों से ईट निकल सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है। हाउसिंग बोर्ड से वर्ष २००९ के आसपास पूरी कॉलोनी नगर निगम में मर्ज हो गई है। इसको लेकर दुकानदारों ने नगर निगम के अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी यहां पर अपनी रुचि नहंीं दिखाई। जिससे आज भी पुरानी ही स्थिति में दुकानदार जी रहे है।
पाईप लाइन तक टूटी, घरों से ला रहे पानी
हाउसिंग बोर्ड ने ७२ दुकानदारों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था की थी, लेकिन कुछ समय तक तो यहां पर दुकानदारों को पीने का पानी मिला, लेकिन अब कई समय से पानी की लाइन तक टूट गई है। दुकानदारों को परेशानी किसी से छिपी नहीं है। इसके बावजूद भी बोर्ड के अधिकारी इस ओर देखते तक नहीं है। जबकि हाउसिंग बोर्ड का ऑफिस इन दुकानों के ऊपर ही बना हुआ है। जहां कार्यपालन यंत्री से लेकर कई अधिकारी यहां पर बैठते है। दुकानदारों ने कई बार बोर्ड के अधिकारियों से कहा, लेकिन कोई भी नतीजा नहीं निकला। इसके चलते अब दुकानदार अपने घरों से पीने के लिए पानी लेकर आ रहे है। दीनदयाल नगर की सबसे बड़ी और पुरानी मार्केट में से एक महाराजा कॉम्पलेक्स है। इसके बाद ही अन्य कॉम्पलेक्सों का निर्माण बोर्ड ने किया है।
मूलभूत सुविधाएं तक नहीं
कॉम्पलेक्स के दुकानदारों का कहना है कि यहां पर मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। पीने के पानी के साथ हम लोगों को बाथरुम तक के लिए कॉम्पलेक्स के बाहर जाना पड़ता है। इसके चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां के दुकानदार परवेज रशीद, कौशलेन्द्र सिंह कुशवाह, सुनील चावला और देव जादौन का कहना है कि यहां पर दुकान लेकर अब हम सभी काफी परेशान हो गए है। हाउसिंग बोर्ड ने हमको सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया है। जो सुविधाएं हमको मिलना चाहिए थी। वह भी छीन ली गई है। ऐसे में हम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
दुकानदारों ने मेंटनेस का पैसा हाउसिंग बोर्ड को दिया था। इसके बाद दुकानदारों की सोसायटी को शायद पैसा दिया गया है। लेकिन अगर दुकानदारों को परेशानी आ रही है तो इसको दिखवाकर इसे ठीक कराया जाएगा।
श्रीकृष्ण सुमन, उपायुक्त हाउसिंग बोर्ड

Neeraj Chaturvedi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned