बैंक में लिंक नंबर को अपडेट जरूर कराएं, कोई भी गलत ट्रांजेक्शन होने पर मिलेगी तुरंत सूचना

- बुजुर्गों को साइबर क्राइम से बचाने राज्य साइबर पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी

By: Narendra Kuiya

Published: 24 Jan 2020, 11:48 PM IST

ग्वालियर. सभी बैंक खातों के साथ एक मोबाइल नंबर आवश्यक रूप से लिंक किया जाता है जिस पर बैंक से कोई भी ट्रांजेक्शन करने पर तुरंत मैसेज भेजा जाता है। कई बैंक खातों में या तो मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या फिर पुराना नंबर लिंक है जो खाताधारक के पास होता नहीं है। इसलिए सबसे जरूरी है कि बैंक में जाकर लिंक नंबर को अपडेट करा ले ताकि कोई भी गलत ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत उसकी सूचना मिल सके और कार्रवाई कर सके। यह बात एसपी साइबर सेल सुधीर अग्रवाल ने शुक्रवार को वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान की ओर से साइबर अपराधों से बुजुर्गों को बचाने के उद्धेश्य से आयोजित कार्यक्रम में कही।
डे केयर सेंटर कंपू पर हुए कार्यक्रम में एसपी साइबर सेल सुधीर अग्रवाल ने आगे कहा कि एटीएम कार्ड जारी करते समय, प्रतिदिन निकाली जा सकने वाली राशि के अलावा, ऑनलाइन शॉपिंग और ट्रांसफर करने की भी अलग-अलग लिमिट दी जाती है। इसेे वरिष्ठ नागरिकों द्वारा उपयोग नहीं की जाती है। इसे जरूरत के हिसाब सेे कम या बंद करा देना चाहिए। इस मौके पर संस्थान अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन आदि मौजूद थे।
ये जानकारी भी दी
- एटीएम कार्ड का उपयोग करते समय किसी दूसरे व्यक्ति को अपना कार्ड कभी भी ना दें।
- कार्ड का उपयोग करते समय हमेशा की पैड को दूसरे हाथ से ढंक लेना चाहिए, इससे कार्ड की क्लोनिंग होने से बचा जा सकता है।
- क्लोनिंग होने पर बैंक को शीघ्रता से सूचित किया जाना चाहिए, ताकि सिक्योर्ड ट्रांसफर का रिफंड बैंक से प्राप्त किया जा सके।
- कार्ड का सीवीवी नंबर, कार्ड का नंबर, पिन और ओटीपी आदि पूछकर भी ठगी की जाती है। इन्हें कभी भी न बताएं।

Narendra Kuiya Reporting
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