सांस की बिमारी से तड़पते हुए हो गई बुजुर्ग की मौत, कोरोना के डर से किसी ने नहीं की मदद

man died due to respiratory disease people diidn't help due to corona : उसे खांसते देखकर लोग उसके पास आने की हिम्मत नहीं कर पाए। स्वास्थ विभाग की टीम को मदद के लिए तमाम फोन किए लेकिन कोई नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे तक लोग तमाषा देखते रहे।

By: Gaurav Sen

Published: 27 Mar 2020, 01:19 PM IST

ग्वालियर। कोरोना वायरस का खौफ लोगों को जरुरतमंदों की मदद से भी दूर कर रहा है। बुधवार रात को इसी डर की वजह से दमा पीडित बुजुर्ग करीब एक घंटे तक सडक किनारे पडा रहा। उसे खांसते देखकर लोग उसके पास आने की हिम्मत नहीं कर पाए। स्वास्थ विभाग की टीम को मदद के लिए तमाम फोन किए लेकिन कोई नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे तक लोग तमाषा देखते रहे। पिता की हालत बिगडने का पता चलने पर बेटा पहुंचा, तमाशबीनों से कहा कि पिता को गाडी पर बिठाकर घर तक ले चलो, कोरोना के डर से किसी से मदद की हिम्मत नहीं की तो बीमार पिता को हाथ ठेले पर लिटा कर घर लाया।

यह भी पढ़ें : कोरोना के कहर से बचने के लिए चाहिए मदद तो इन्हें करें फोन, खबरें में 39 इंसीडेंट कमांडरों के नाम व फोन नंबर

प्रत्यक्षदर्षियों ने बताया कि हजीरा निवासी बुजुर्ग आॅटो मोबाइल कंपनी में काम करते हैं। उन्हें दमा का रोग है। रात को साइकिल से घर लौटते वक्त रास्ते में उनकी सांस उखड गई। दवा साथ नहीं लाए थे तो खांसी उठ गई। तमाम कोषिष के बाद काबू नहीं हुई तो खांसते हुए सडक किनारे लेट गए। हुए सडक किनारे लेट गए। लोगों ने बुजुर्ग को कोरोना पीडित समझ लिया। भीड दूर से देखते रही। बुजुर्ग की हालत नहीं सुधरी तो लोगों ने पुलिस को बुला लिया। स्वास्थ विभाग की टीम को मौके पर बुलाने के लिए तमाम फोन किए लेकिन कोई नहीं आया।

यह भी पढ़ें : डबरा में रूक-रूक हो रही बारिश, बिगड़ते मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता

कार्ड से नंबर, बेटे को बुलाया
पुलिस भी बीमार को उठाने की हिम्मत नहीं कर पाईं, बुजुर्ग से आॅफिस का विजिंट कार्ड जरुर ले लिया। उस पर दर्ज फोन नंबर पर काॅल कर पीडित के परिजनों का पता लगाकर उन्हंे बुलाया। हद तब हो गई जब पीडित का बेटा आ गया।उसने बताया कि पिता को दमे की बीमारी है। फिर भी तमाषबीनों ने भरोसा नहीं किया। उन्हे घर पहुंचाने में मदद करने से कन्नी काट गए। पीडित के बेटे ने सडक किनारे खडे ठेले पर पिता को लिटाया उसे धकेल कर घर ले गया।

Gaurav Sen
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned